इस्कॉन मंदिर में अन्नकूट का भोग लगाते भक्त।
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कानपुर। गोवर्धन पूजा (अन्नकूट महोत्सव) विभिन्न मंदिरों में बुधवार को धूमधाम से मनाई गई। इस्कॉन मंदिर, जेके मंदिर, राधा माधव मंदिर और सरसैया घाट के राम-लक्ष्मण जानकी मंदिर में भक्तों ने पूजा-अर्चना कर भगवान गिरिधर के जयकारे लगाए।
मैनावती मार्ग स्थित इस्कॉन कानपुर मंदिर में श्री गिरिराज महाराज की पूजा-अर्चना की गई। भक्तों ने भगवान का अलाैकिक शृंगार किया। मंगला आरती के बाद सुबह भक्तों ने भगवान को 1008 प्रकार के भोग अर्पित किए।
मृदंग और करताल की ताल पर हरे कृष्ण महामंत्र के संकीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। सुबह श्रीमद्भागवतम कथा सत्र में गोवर्धन लीला की दिव्यता पर चर्चा की गई। दोपहर 12 बजे भक्तों ने गिरिराज महाराज के दर्शन और परिक्रमा कर पुण्य लाभ अर्जित किया। दोपहर एक बजे महाप्रसाद का वितरण किया गया।
वहीं पांडुनगर स्थित जेके मंदिर में गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव भक्तिभाव के मनाया। सुबह पूजा के बाद दोपहर को भजनों का दौर चला। शाम को यात्रा निकाली गई। साथ ही गोमाता को भक्तों ने भोजन खिलाया। वहीं नमामि गंगे प्रकल्प के तत्वावधान में सरसैया घाट स्थित महादेव राम लक्ष्मण जानकी मंदिर में अन्नकूट महोत्सव मनाया गया।
भक्तों ने भगवान की आरती की। बाद में महाभोग का प्रसाद गोवर्धन भगवान को अर्पित किया। मंदिर के प्रबंधक अजय अग्रवाल ने बताया कि प्रभु का पूजन पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ किया गया। अंत में भक्तों को महाभोग का प्रसाद भी बांटा गया। यहां श्रीकृष्ण दीक्षित बड़े आदि रहे।