बीमारी की वजह से नहीं दी गई जानकारी
युवती की 14 जुलाई को शादी थी। उनकी बीमारी की वजह से घर में युवती के चले जाने के बारे में उन्हें किसी ने नहीं बताया। इस दौरान हिंदू युवा वाहिनी के पूर्व जिलाध्यक्ष राजा सिंह सेंगर, गोसंपदा संरक्षण शोध संस्थान के संस्थापक अनिल शिवहरे के नेतृत्व में विहिप नगर अध्यक्ष अनुराग तिवारी, जिला गोरक्षा प्रमुख आशीष द्विवेदी, बजरंग दल के नगर संयोजक मानवेंद्र परिहार दिनेश कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
13 दिन बाद भी युवती को बरामद नहीं कर सकी है पुलिस
13 तारीख तक जब घर में शादी की कोई हलचल नहीं हुई तो कैंसर पीड़ित पिता के पूछने पर जब परिजनों ने उन्हें युवती के बारे में बताया। इसके बाद रात में ही उनकी सदमे से मृत्यु हो गई। आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस ने शिथिलता बरती है और घटना के 13 दिन बाद भी युवती को बरामद नहीं कर सकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने दबिश डालने के नाम पर परिजनों के लगभग 50 हजार रुपये खर्च करा दिए। जबकि कैंसर पीड़ित परिवार के पास घर खर्च चलाने तक के रुपये नहीं थे। उन्होंने चेतावनी दी कि क्षेत्र से गई चारों युवतियों को जल्द बरामद किया जाए। अन्यथा हिंदू समाज के लोग आमरण अनशन के लिए विवश होंगे।