कानपुर देहात। पीएमश्री योजना के तहत अनुमोदित को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों और बालवाटिका के बच्चों के लिए स्टेशनरी खरीदी जाएगी। इसके लिए चिह्नित आंगनबाड़ी केंद्र को दो हजार रुपये प्रति विद्यालय प्रति महीने के हिसाब से दिए जाएंगे।
स्टेशनरी पर बच्चे फ्लैश कार्ड एवं टीएलएम आदि बनाने का उपयोग करेंगे। राज्य परियोजना निदेशक की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि विद्यालय परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों व बालवाटिका में गतिविधि कैलेंडर पर आधारित मैनुअल के अनुसार स्टेशनरी एवं आर्ट, कला, क्राफ्ट सामग्री का उपयोग किया जाएगा। कलांकुर पुस्तिका में 3 से 6 साल के बच्चों की ओर से कार्य कराए जाने के लिए स्टेशनरी सामग्री वाटर कलर आदि का उपयोग किया जाएगा। जबकि 4 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए आवश्यक कार्य पत्रक बनाने के लिए ए-4 साइज पेपर का प्रयोग किया जाएगा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पांडेय ने बताया कि फ्लैश कार्ड और टीएलएम आदि को बनाने में उक्त सामग्री का उपयोग किया जाएगा। बच्चों को रचनात्मक और मुक्त चित्रकारी आदि कालांशों में उक्त स्टेशनरी का प्रयोग किया जाएगा। बताया कि बच्चों को प्रति दिवस आवश्यक स्टेशनरी का वितरण करने के पश्चात आंगनबाड़ी केंद्र, बालवाटिका में प्रत्येक कार्य दिवस की समाप्ति पर सामग्री बच्चों से लेकर केंद्र में सुरक्षित की जाएगी।
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विद्यालय स्तर पर सामग्री क्रय के लिए बनी समिति
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि विद्यालयों के लिए स्टेशनरी खरीदने के लिए विद्यालय प्रबंध समिति को अध्यक्ष बनाया गया है। जबकि विद्यालय प्रधानाध्यापक व इंचार्ज अध्यापक सदस्य, संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सदस्य, क्षेत्र की आंगनबाड़ी सुपरवाइजर अध्यक्ष, सदस्य ईसीसीई एजुकेटर अथवा नोडल अध्यापक प्री-प्राइमरी संबंधित विद्यालय सदस्य होंगे।
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प्रधानाध्यापक को सौंपे गए दायित्व
क्रय की गई स्टेशनरी संबंधित सामग्री का विवरण स्टॉक रजिस्टर में अंकित करने की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक को सौंपी गई है। जिन विद्यालयों में ईसीसीई एजुकेटर की तैनाती हो गई है, उनमें क्रय की गई स्टेशनरी ईसीसीई एजुकेटर को विद्यालयों में नोडल अध्यापक एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को उपलब्ध कराई जाएगी।