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सो रहे वृद्ध की ईंट से कूंचकर हत्या, गर्दन और सीने पर किए ताबड़तोड़ वार

Sun, 03 Jun 2018 10:00 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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पोस्टमार्टम हाउस में मृतक के परिजन - फोटो : अमर उजाला
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यूपी के उन्नाव शहर कोतवाली के गांव रुस्तमपुर में घर के बरामदे में सो रहे वृद्ध की ईंट से कूंचकर हत्या कर दी गई। वृद्ध की चीख सुन छत पर सो रहा बेटा नीचे आया तो हत्यारे भाग निकले। पिता को लहूलुहान हालत में देख बेटे ने सूचना पुलिस को दी। पुलिस घायल को जिला अस्पताल लाई। यहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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रुस्तमपुर गांव निवासी गौरीशंकर भुर्जी (70) शनिवार रात घर में मुख्य दरवाजे के पास स्थित बरामदे में सो रहे थे। उसके साथ रहने वाले दो बेटों में सुरेश छत पर सो रहा था। जबकि महेश खेत में सब्जी की रखवाली करने गया था। अन्य परिजन घर के अंदर सो रहे थे। रात करीब डेढ़ बजे अज्ञात हमलावर बाउंड्री फांदकर घर के अंदर पहुंचे।


गौरीशंकर के सीने और गर्दन पर ईंट से वार किए। दाहिना हाथ भी तोड़ दिया। गौरीशंकर के चीखने पर छत पर सो रहा बेटा सुरेश जब तक नीचे आता हमलावर भाग निकले। बेटे महेश के मुताबिक उसके पिता या परिवार के किसी सदस्य की किसी से कोई रंजिश नहीं थी। महेश की तहरीर पर पुलिस ने लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। कोतवाल अरुण द्विवेदी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर घटना की जांच की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा। 
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डाग स्क्वॉड के हाथ कुछ भी नहीं लगा

डेमाे पिक
गौरीशंकर के सात लड़के-लड़कियां हैं। पांच बेटों में बब्लू, रामआसरे व रमेश परिवार से अलग मकान बनाकर रहते हैं। जबकि महेश व सुरेश पिता के साथ ही रहते हैं। दो बेटियां हैं जिनकी शादी हो चुकी है। महेश ने बताया कि सभी खेती कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। लेकिन किसी की कहीं दुश्मनी नहीं है। 

ग्रामीणों की माने तो मृतक गौरीशंकर के पास बारह बिसुआ जमीन है। जिसमें उन्होंने अपने पांच बेटों में किसी को कम तो किसी को अधिक जमीन दे रखी है। कहीं इसी से नाराज होकर परिवार के ही किसी सदस्य ने यह कदम नहीं उठा लिया। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है। 

वृद्ध की हत्या के 12 घंटे बाद डाग स्क्वॉड घटनास्थल पर जांच करने पहुंचा। इसको लेकर लोगाें ने नाराजगी भी जताई। लोगों का कहना था कि रात डेढ़ बजे घटना होने के बाद सूचना पर सौ नंबर की गाड़ी तो पहुंची लेकिन अन्य कोई भी अधिकारी नहीं आया। रविवार दोपहर लगभग दो बजे डाग स्क्वॉड पहुंचा। डाग स्क्वॉड के हाथ कुछ भी नहीं लगा। 

घटना के बाद परिजनों ने यूपी 100 व एंबुलेंस को सूचना दी। एंबुलेंस से पहले सौ नंबर की गाड़ी पहुंची और घायल को जिला अस्पताल लाई। जबकि एंबुलेंस घटना के बीस मिनट बाद तक नहीं पहुंच पाई।
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