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Kanpur News: एसबीआई बैंक के गेट के सामने खुले नाले में गिरी मासूम, मौत

Sat, 07 Feb 2026 02:15 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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कानपुर देहात। अकबरपुर स्थित स्टेट बैंक शाखा के गेट पर शुक्रवार सुबह खुले नाले में गिरकर एक मासूम की मौत हो गई। बारा से एक मां दो वर्षीय बेटी का आधार बनवाने के लिए शुक्रवार सुबह अकबरपुर आयी थीं। मां बेटी को बैंक के गेट पर छोड़कर अंदर जानकारी करने चली गई। वापस लौटने पर उन्हें बेटी नहीं दिखी। उन्होंने एक घंटे तक उसकी तलाश की। बाद में सीसीटीवी फुटेज देखने पर मासूम के नाले में गिरने की जानकारी हुई। दोपहर करीब एक बजे बालिका को नाले से निकाला गया। निजी अस्पताल में डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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बारा निवासी अन्सारुल मजदूर हैं और बकरी पालन करते हैं। दो साल की बेटी फातिमा का आधार कार्ड बनना था। इसके लिए पत्नी खलीकुन शुक्रवार को बेटी को लेकर अकबरपुर स्थित स्टेट बैंक शाखा गई थीं। करीब 11 बजे वह बैंक पहुंचीं। बेटी को बाहर गेट पर छोड़कर वह अंदर जानकारी करने चली गईं। कुछ देर बाद बाहर आयीं तो बेटी उन्हें नहीं दिखी। उन्होंने बेटी की खोजबीन की।
अकबरपुर में रूरा चौराहा से लेकर नमस्ते चौराहे तक वह बदहवास दौड़ती रही। कोई जानकारी न मिलने पर बैंक के पास सीसीटीवी कैमरे की फुटेज निकलाई। इसपर यहां सुरक्षा में तैनात महिला सिपाही ने उसे थाने भेजा। वहां से पुलिस बैंक पहुंची। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज देखा गया तो बच्ची नाले में गिरते दिखी। इस पर पुलिस कर्मियों ने नाले से बच्ची को निकाला। मां ई-रिक्शा से बेटी को रूरा मार्ग स्थित एक निजी अस्पताल ले गईं। वहां डॉक्टर ने बच्ची को मृत बताया। इस पर रोते हुए वह बेटी का शव लेकर गांव पहुंची तो परिजनों में कोहराम मच गया। हालांकि परिजनों ने अभी कोई शिकायत नहीं की है।
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थाना प्रभारी हरमीत सिंह ने बताया कि दोपहर में महिला थाने आयी थी। इस पर तुरंत पुलिस बल भेजकर नाले में गिरी मासूम को बाहर निकाला गया। बाद महिला उसे निजी अस्पताल ले गई थी वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। महिला ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है। ईओ अकबरपुर आशीष कुमार ने बताया कि नाला पर पटिया रखी हैं। दो पटिया के बीच में गैप से बालिका नाले में गिरी। जानकारी पर दो पटिया के गैप पर नई पटिया रखवा दी गई है। बैंक अधिकारियों ने पटिया के बीच गैप की सूचना नहीं दी। वरना पहले ही इसे ठीक करा दिया गया होता।
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एक जगह रखवाई पटिया, दूसरी जगह खुला नाले से खतरा
स्टेट बैंक के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि बैंक गेट के पास नाला पर रखी पटिया क्षतिग्रस्त थी। दो पटिया के बीच काफी गैप था। कई बार लोग गिरने से बचे हैं। इस पर बैंक अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। इधर नगर निकाय प्रशासन भी लापरवाह बना रहा। कई जगह नाला खुला है लेकिन इसे ढंकने की जरूरत नहीं समझी जा रही है। शुक्रवार को नाले में गिरकर बालिका की मौत के बाद भी बैंक गेट के करीब ही नाला खुला है। यह तब है जबकि यहां प्रतिदिन हजारों लोग आते हैं। जरा सी चूक से हादसा होने का खतरा है।
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रेस्क्यू में देरी से चली गई मासूम की जान
बैंक से बाहर निकलते ही जब खलीकुन की बेटी अचानक गायब हो गई तो पहले उन्हें लगा कि वह कहीं आसपास ही होगी। काफी देर तक तलाशने के बाद जब बेटी नहीं मिली तो किसी अनहोनी की आशंका से उनका दिल बैठ गया। उन्होंने बैंक में सीसीटीवी फुटेज देखने की गुहार लगाई लेकिन उन्हें थाने भेज दिया गया। खलीकुन का आरोप है कि अगर उन्हें तुरंत ये पता चल जाता कि बच्ची नाले में गिर गई है तो शायद उसकी जान बच जाती।
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नहीं बुलाई एंबुलेंस, ई-रिक्शा से ले जाया गया अस्पताल
दुर्भाग्यपूर्ण घटना की पुष्टि होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों ने समय पर एंबुलेंस बुलाने की जहमत नहीं उठाई। दोपहर करीब एक बजे पुलिसकर्मियों ने बेहोशी की हालत में बच्ची को नाले से बाहर निकाला। इसके बाद उसे ई-रिक्शा में बिठाकर एक निजी अस्पताल ले जाया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि एंबुलेंस न बुलाना बैंक अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की घोर लापरवाही को दर्शाता है। जिसके कारण मासूम की जान चली गई।
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शव का पोस्टमार्टम कराने को तैयार नहीं हुए परिजन
बारा निवासी मासूम फातिमा की नाले में गिरने से मौत की जानकारी पर तहसीलदार सदर पवन कुमार बारा पहुंंचे। आपदा राहत कोष से डूबने पर 4 लाख रुपये आर्थिक मदद का प्रावधान होने की जानकारी परिजनों को दी। उन्होंने इसके लिए पोस्टमार्टम की जरूरत बताई। हालांकि परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार नहीं हुए और उन्होंने बेटी की मौत पर मदद राशि लेने से भी इन्कार कर दिया। तहसीलदार पवन कुमार ने बताया कि मासूम के परिजन से गांव जाकर वार्ता की गई। शासन से तय नियम और आपदा राशि की जानकारी दी गई लेकिन परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने व राहत राशि लेने से इन्कार कर दिया। एसडीएम सदर को पूरी स्थिति से अवगत कराया गया है।
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