मुक्ति मोर्चा की सदस्य होटल कारोबारी महिला ने कहा कि जेल में बंद अखिलेश दुबे व उसके साथी पुलिस अधिकारियों संग मिलकर पीड़ितों को फर्जी मुकदमें में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। कहा कि अखिलेश दुबे के खिलाफ पैरवी करने वालों के गनर हटा लिए गए हैं। ऋषिकांत शुक्ला व गुर्गों से पीड़ित भयभीत हैं। आरोप लगाया कि पुलिस कमिश्नर ने सीयूजी पर उनका नंबर ब्लॉक कर दिया है। वहीं, भूपेश अवस्थी, अनुज निगम की न गिरफ्तारी की और न इनाम घोषित किया गया। अखिलेश दुबे मुक्ति मोर्चा के सभी सदस्यों ने प्रधानमंत्री और गृृहमंत्री को पत्र भेज मामले की जांच सीबीआइ और ईडी से कराने की मांग की। प्रेसवार्ता में अधिवक्ता सौरभ भदौरिया, नरेश मिश्रा, निर्मला मिश्रा, शैलेंद्र शर्मा, एसके सिंह मौजूद रहे।
नहीं पहुंचे रवि सतीजा और मनोज सिंह
अखिलेश दुबे पर पहली रिपोर्ट दर्ज कराने वाले भाजपा नेता रवि सतीजा और अधिवक्ता मनोज सिंह शुक्रवार को प्रेसवार्ता में शामिल नहीं हुए। रवि सतीजा ने बताया कि वह उन्हें संगठन की ओर से फिल्म गोदान के प्रचार प्रसार का जिम्मा मिला है। उसी की व्यस्तता के चलते वह प्रेसवार्ता में नहीं आ पाए। वहीं, मनोज सिंह ने बताया कि वह काम के सिलसिले में लखनऊ में थे।