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Kanpur News: फर्जी दस्तावेज लगाकर 30 साल नौकरी करने वाला परिचारक बर्खास्त, एफआईआर

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कानपुर। बिरहाना रोड स्थित ज्ञान भारती एमएस इंटर कॉलेज में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मृतक आश्रित कोटे से नौकरी पाने का मामला सामने आया है। करीब 30 सालों तक राजकोष से वेतन लेने वाले परिचारक (अटेंडेंट) शिव बहादुर यादव की सेवा समाप्त कर दी गई। उसके खिलाफ कलक्टरगंज थाने में धोखाधड़ी समेत अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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ज्ञान भारती एमएस इंटर कॉलेज प्रधानाचार्य ने दर्ज रिपोर्ट में आरोप लगाया कि शिव बहादुर यादव की नियुक्ति 17 जुलाई 1996 को हुई थी। यह चयन तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया गया था। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई ग जिसमें सामने आया कि उन्होंने कूटरचित अभिलेखों के जरिये अपने पिता का नाम बदलकर नौकरी हासिल की। जांच में सामने आया कि वास्तविक अभिलेखों में उनके पिता का नाम रामपाल दर्ज है जबकि नौकरी पाने के लिए उन्होंने रंग बहादुर अंकित कराया।
इस संबंध में एसडीएम बीकापुर, फैजाबाद और जिला विद्यालय निरीक्षक अयोध्या से भी सत्यापन कराया गया जिसमें फर्जीवाड़ा प्रमाणित हुआ। दर्ज रिपोर्ट में आगे बताया कि त्रि-सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने के बाद जनपदीय मृतक आश्रित चयन समिति ने 17 फरवरी 2026 की बैठक में नियुक्ति को निरस्त करने का निर्णय लिया। इसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक के आदेश पर कॉलेज प्रशासन ने 16 मार्च को शिव बहादुर यादव की सेवा समाप्त कर दी।
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प्रधानाचार्य ने थाना कलक्टरगंज में आरोपी के खिलाफ कूटरचना कर नौकरी पाने और सरकारी धन का लाभ लेने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। कलक्टरगंज थाना प्रभारी विनय तिवारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर शिव बहादुर यादव के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल करने, जालसाजी में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
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