कानपुर। काकादेव स्थित पुनर्वास केंद्र में किशोरी और युवक का अश्लील वीडियो वायरल करने के मामले में पुलिस के सामने पेच फंस गया है। दरअसल पुलिस ने जो एफआईआर दर्ज की है उसमें वीडियो वायरल करने वाले केंद्र के पूर्व कर्मचारी विपिन और मानसिक बीमार युवक नामजद हैं।
विपिन पर आईटी एक्ट और वीडियो में दिख रहे बीमार छात्र पर साथी से दुष्कर्म की धारा लगी है। ऐसे में विपिन तो सात साल से कम की सजा का प्रावधान होने के चलते थाने से छूट गया। वहीं, छात्र पर लगी धारा में उसे जेल भेजा जा सकता है लेकिन उसके मानसिक बीमार होने के कारण उसे कोर्ट में पेश नहीं किया जा सकता। ऐसे में पुलिस ने विधिक राय लेने के साथ ही डॉक्टरों से परामर्श कर रही है।
मानसिक बीमार को लेकर बनारस पहुंची पुलिस
किशोरी के साथ अश्लीलता के आरोपी मानसिक बीमार युवक पर रेप और पॉक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज है। पुलिस की एक टीम युवक को उसकी मां की उपस्थिति में बनारस लेकर पहुंची। वहां बनारस मेंटल हॉस्पिटल में उसका सोमवार को मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। जांच में पता लगेगा कि युवक ने जो हरकत की क्या उसे पता था कि वह ऐसा कर रहा है। अगर रिपोर्ट उसके खिलाफ आई तो उसका जेल जाना तय हो जाएगा। काकादेव थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार राम ने बताया कि छात्र को मेडिकल के लिए ले जाया गया है। रिपोर्ट मिलने का इन्तजार किया जा रहा है।
मैं निकाले जाने से आहत था, बर्बाद कर था मकसद
आरोपी विपिन ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसे पुनर्वास केंद्र से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। इसके बाद केंद्र को बर्बाद कर देना चाहता था इसीलिए न केवल वीडियो किशोरी के पिता को भेजा, बल्कि यह भी मैसेज किया कि यहां प्रत्येक किशोरी और युवकों के साथ यही होता है।