कानपुर। अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध के कारण हुई गैस की कमी से शहर में सिलिंडर का संकट विकराल होता जा रहा है। लोग जरूरत से ज्यादा सिलिंडर बुक कर रहे हैं। ऐसे में जरूरतमंदों तक गैस नहीं पहुंच पा रही है। पुराने कनेक्शन बंद होने के बाद गैस एजेंसियों पर नए आवेदनों की बाढ़ आ गई है। तीन दिन के भीतर करीब पांच हजार नए आवेदन एजेंसियों में आए हैं। 10 दिन में गैस बुकिंग भी तीन लाख के पार पहुंच गई है। रोजाना करीब 25 से 30 हजार बुकिंग दर्ज हो रही हैं। वहीं, घरेलू सिलिंडर चोरी-छिपे दो से तीन हजार रुपये में बेचे जा रहे हैं।
सरकार के फैसले ने आग में घी डालने का काम किया है। नौ महीने से गैस न भरवाने वाले करीब 1.50 लाख उपभोक्ताओं के कनेक्शन पिछले हफ्ते डिएक्टिवेट कर दिए गए थे। अब उपभोक्ता दोबारा कनेक्शन चालू कराने के लिए एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन राहत की बजाय उन्हें और ज्यादा झंझट झेलना पड़ रहा है। ऐसे में शहर की करीब 50 एजेंसियों के बाहर लगने वाली कतार और लंबी हो गई है। एजेंसी संचालक अब हर आवेदक से पीएनजी कनेक्शन न होने का लिखित प्रमाण मांग रहे हैं। वहीं, कई एजेंसियां तो कनेक्शन देने से साफ इन्कार कर रही हैं।
सिलिंडरों की आवक बुधवार को बढ़कर 35 हजार पहुंच गई। जो सामान्य से करीब 10 हजार ज्यादा है। बावजूद हालात काबू में नहीं हैं। अभी तक एक दिन में 20 से 25 हजार सिलिंडर का स्टॉक मिलता था। बुकिंग के दबाव ने आपूर्ति व्यवस्था को डिरेल कर दिया है। स्थिति यह है कि होम डिलीवरी लगभग ठप हो गई है। लोग एजेंसियों के बाहर घंटों लाइन में लगकर पसीना बहा रहे हैं।