क्या आप पलक झपकते ही 90 अंकों को एकसाथ जोड़ सकते हैं? सोच में पड़ गए न, खैर छोड़िए। हम बताते हैं उस कैलकुलेटर गर्ल के बारे में जिसने महज 14 साल की उम्र में यह कारनामा हकीकत में कर दिखाया है। होनहार का नाम है दिलप्रीत कौर। दिलप्रीत दुनिया भर में कैलकुलेटर गर्ल के नाम से ही मशहूर हैं। गुरुवार को दिलप्रीत ने मैथ्स की दुनिया में धमाल मचा दिया। अपनी शार्प मेमोरी के बल पर उन्होंने महज 17 मिनट सात सेकेंड के अंदर देश और दुनिया के 13 बड़े रिकार्ड एक साथ अपने नाम कर लिए। जिसे गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड और लिम्बा बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज करने के लिए भेजा जा रहा है। दिलप्रीत कानपुर के हाडर्ड स्कूल में कक्षा नौंवी की छात्रा हैं। उन्होंने सात वर्ष की आयु से ही अपनी नन्हीं उंगलियों पर जादू की तरह गणित के सवाल हल करना शुरू कर दिया था।
ये बनाए नेशनल रिकार्ड
वर्ल्ड रिकार्ड बनाने के बाद दिलप्रीत का मुंह मीठा करते परिजन
- दो अंकों की तीन पंक्तियों को एक बार में जोड़ना। इस तरह के 60 प्रश्न एक मिनट के अंदर सॉल्व किया। उदाहरण के तौर पर 27+55+88 को एकबार में जोड़ना।
- दो डिजिट की चार पंक्तियों को जोड़ना। इस तरह के 58 क्वेशंस दिलप्रीत ने एक मिनट में सॉल्व किए।
- दो डिजिट की पांच पंक्तियों वाले 45 प्रश्न एक मिनट में सॉल्व किए।
- तीन डिजिट की दो पंक्तियों वाले 60 प्रश्न एक मिनट में सॉल्व किए। (उदाहरण : 345+ 567 )
- तीन डिजिट की तीन पंक्तियों वाले 50 क्वेशंस को एक मिनट में सॉल्व किया।
- तीन डिजिट की चार पंक्तियों वाले 45 प्रश्नों को एक मिटन में हल कर दिया।
- तीन डिजिट की पांच पंक्तियों वाले 40 प्रश्न एक मिनट में।
- तीन डिजिट को दो डिजिट से गुणा करने वाले 25 सवाल एक मिनट में हल कर दिखाया। (234*45)
- तीन डिजिट को दो डिजिट से गुणा करने वाले दस प्रश्नों को महज बीस सेकेंड में सॉल्व करना।
- दो डिजिट को तीन डिजिट से भाग करने वाले 38 प्रश्न एक मिनट कर सॉल्व कर दिखाया।
ये बन गए इंटरनेशनल रिकार्ड
- 750 डिजिट को कम्प्यूटर पर देख कर महज तीन मिनट के अंदर जोड़ना।
इससे पहले सात सौ डिजिट को जोड़ने का रिकार्ड तीन मिनट में बना था। यह रिकार्ड भोपाल के अशोका मेवाड़ा के नाम दर्ज हुआ था।
- भाग करने के दस सवाल को महज पांच सेकेंड में हल करना।
- भाग के 90 सवाल महज एक मिनट में सॉल्व करना।
आर्थिक कमी के आगे घुट रही है प्रतिभा
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू संग दिलप्रीत काैर
महज 17 मिनट में 13 रिकार्ड कायम करने वाली होनहार दिलप्रीत की प्रतिभा आर्थिक तंगी के चलते घुट रही है। पिता मंजीत और मां सिमरन कौर प्राइवेट ट्यूशन क्लासेज चलाकर बेटी को बढ़ाने का भरपूर कोशिश करते हैं, लेकिन यह नाकाफी दिखाई पड़ रहा है। मंजीत बताते हैं कि मैथमेटिक्स की इस तरह की प्रतियोगिताएं विदेशों में होती हैं, जहां जाने के लिए काफी पैसा होना चाहिए जो कि उनके पास नहीं है। ऐसे में वह चाहकर भी बेटी को आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं। मंजीत ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी मदद की गुहार लगाई है, ताकि देश की बेटी दुनिया भर में नाम बुलंद कर सके।
दिलप्रीत के नाम पहले से ही मैथ्स के ऐसे सवालों को हल करने के लिए तीन वर्ल्ड रिकार्ड दर्ज हैं। उन्हें लिम्बा बुक ऑफ रिकार्ड का सर्टिफिकेट भी मिल चुका है। वह कहती हैं कि आगे वह दुनिया भर में मैथ्स के कठिन से कठिन सवालों को हल कर रिकार्ड कायम करेंगी।