नतीजतन, कीमोथेरेपी के दौरान मरीजों को दिए जाने वाले अति आवश्यक सस्पैनेटिन इंजेक्शन की किल्लत पूरी तरह खत्म हो गई है। अब जेके कैंसर संस्थान में यह महत्वपूर्ण जीवनरक्षक दवा सभी जरूरतमंद मरीजों के लिए आसानी से उपलब्ध करा दी गई है।
थोक दवा बाजार में भी पहुंची संजीवनी
अस्पताल के साथ-साथ शहर के बिरहाना रोड स्थित थोक दवा बाजार में भी सस्पैनेटिन इंजेक्शन की नई खेप पहुंच गई है। बीते कुछ समय से बाजार और अस्पताल में इस इंजेक्शन की भारी किल्लत बनी हुई थी, जिसके कारण कैंसर मरीजों की कीमोथेरेपी साइकिल बाधित हो रही थी।
परिजनों को दवा की तलाश में दर-दर भटकना पड़ रहा था और कालाबाज़ारी की आशंका भी बढ़ गई थी। खबर का संज्ञान लेते हुए दवा विक्रेताओं और स्वास्थ्य विभाग ने तालमेल बिठाकर आपूर्ति बहाल कराई है।
अमर उजाला' की खबर का दिखा असर
अमर उजाला द्वारा मरीजों की इस गंभीर समस्या को प्रमुखता से उठाने के बाद जिम्मेदारों ने तुरंत कार्रवाई की और दवा की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की। जेके कैंसर संस्थान के डॉक्टरों का कहना है कि अब किसी भी मरीज का इलाज कीमोथेरेपी इंजेक्शन की कमी के कारण नहीं रुकेगा। इस त्वरित कार्रवाई के बाद इलाज करा रहे मरीजों और उनके तीमारदारों ने राहत की सांस ली है और 'अमर उजाला' का आभार जताया है।