गिलोय यानी गुडूूची। यह ऐसा औषधीय पौधा है, जो आपकी एक-दो नहीं, अनेक बीमारियों के इलाज में कारगर है। इसकी खासियत को देखते हुए चिकित्सकों ने इसे ‘अमृत’ का दर्जा दिया है। कानपुर में ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ ने आयुष मंत्रालय के राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (एनएमपीबी) और चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के साथ मिलकर औषधीय गुणों से भरपूर गिलोय के पौधों को घर-घर ले जाने का अभियान शुरू किया है। मंगलवार से शुरू हो रहे अभियान में आपको मुफ्त गिलोय का पौधा देने के साथ ही इसके फायदे भी बताए जाएंगे।
स्कूल, कॉलेजों से होगी शुरुआत
सीएसए के उद्यान विभाग के अध्यक्ष प्रो. वीके त्रिपाठी ने बताया कि वैज्ञानिक शब्दों में गिलोय को टीनोस्पोरा कोर्डीफोलिया कहते हैं। अभियान की शुरुआत स्कूल और कॉलेजों से होगी। यहां छात्रों, शिक्षकों को गिलोय का पौधा मुफ्त में दिया जाएगा। जिसे सभी को अपने घरों में लगाना होगा और उसकी सुरक्षा करनी होगी। पौधा बड़ा होने पर आप उसका प्रयोग तमाम तरह की शारीरिक बीमारियों को दूर करने में कर सकते हैं।
कई रोगों में कारगर
आयुर्वेदाचार्य डॉ. रविंद्र पोरवाल बताते हैं कि गिलोय एक बेजोड़ किस्म का औषधीय पौधा है, जिसका तना, पत्ते और जड़ तीनों औषधि बनाने के काम आते हैं। इसके इस्तेमाल से सांस संबंधी, गठिया, पीलिया जैसे रोग दूर होता है। इसे नीम और आंवला के साथ मिलाकर इस्तेमाल करने से त्वचा संबंधी रोग दूर किए जा सकते हैं। यह खून की कमी, मधुमेह नियंत्रण, सूजन कम करने और कुष्ठ रोगों के इलाज में भी कारगर है।