पंजीकरण कराने के बाद आधार कार्ड और उसकी फोटो कॉपी और एक फोटो लेकर आना होगा। जिन पंजीकृत लोगों को दिव्यांग उपकरण देने होंगे। उनके पास यूडीआईडी कार्ड होना जरूरी है। आवेदक के पास अधिकतम 22,500 रुपये प्रतिमाह तक का आय प्रमाण पत्र होना चाहिए। तहसील के अलावा पार्षद, प्रधान, विधायक, सांसद से प्रमाणित आर्य प्रमाण पत्र भी मान्य होगा। केंद्र सरकार की ओर से अभी 21 तरह की शारीरिक दिव्यांगता को मान्यता दी गई है।
मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल भी मिलेगी
दिव्यांगजनों के लिए मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, छड़ी, कान की मशीन, दृष्टि बाधितों को फोल्डिंग छड़ी, ब्रेलकिट, ज्वायस्टिक ऑपरेटेड व्हील चेयर, दृष्टिबाधितों के लिए स्मार्ट केन, स्मार्ट फोन, डेजी प्लेयर, टैबलेट तथा श्रवण बाधितों के लिए डिजिटल कान की मशीन और लेप्रोसी (कुष्ठ रोग) से प्रभावित व्यक्तियों के लिए दैनिक दिनचर्या में सहायक एडीएल किट और मोबाइल फोन पात्रता के आधार पर उपलब्ध कराए जाएंगे। आधुनिक उपकरणों की श्रेणी में नवीन स्पोर्ट्स व्हील चेयर, सुगम्य केन, एक्टिव फोल्डिंग व्हील चेयर भी दिए जाएंगे।
इनका भी सहयोग
जिला प्रशासन, केडीएमए इंटरनेशनल, नारायण सेवा संस्थान, जयपुर फुट और रोटरी क्लब।
भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को), भारत सरकार का उपक्रम है। जो सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अधीन काम कर रहा है। पिछले 50 साल से यह संस्था विकलांगों के लिए सहायक यंत्र व उपकरण एवं कृत्रिम अंग उपलब्ध करा रही है। -अनुपम प्रकाश, सीनियर मैनेजर मार्केटिंग (एलिम्को)