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अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्सः नारी सशक्तीकरण का संदेश लेकर निकली विंटेज कार रैली

Mon, 04 Feb 2019 05:12 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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रॉल्स रॉयस, मॉरिस टाइगर, ऑरिस-16 जैसी सालों पुरानी कारें जब नारी सशक्तीकरण का संदेश लेकर रविवार को कानपुर के ग्रीनपार्क मैदान से निकलीं तो हर कोई इन्हें निहारता रह गया। इस रैली के माध्यम से नारी शक्ति की आवाज बुलंद की गई।

‘नारी है सर्वस्व विधाता, उससे ही सारा संसार जीवन पाता’,  ‘महिला शक्ति का परचम दिखाना है, महिलाओं को आगे बढ़ाना है’, ‘महिला आगे बढ़ रही है, हर कुरीतियों से लड़ रही है’ आदि नारे लिखे पोस्टर लगाकर ये पुरानी कारें शहर में घूमीं।

अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत निकाली गई वुमन विंटेज कार रैली के आगे-आगे ग्रीनपार्क की महिला खिलाड़ी स्कूटी से चल रहीं थीं। इन्होंने बेटी पढ़ाने और बेटी खिलाने का संदेश दिया।
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सुबह 10 बजते ही ग्रीनपार्क के 10-सी गेट से विंटेज कारों का आना शुरू हो गया। जमाने पुरानी इन कारों को देखने के लिए लोगों का तांता लग गया। कोई रॉल्स रॉयस की रॉयलिटी पर फिदा था तो कोई मॉरिस और ऑस्टिन का क्लासिक रूप निहारते रह गया। 1942 की लड़ाई में इस्तेमाल हुई जीप का भी अलग जलवा था।

लंबरेटा स्कूटर देखकर तो कई बुजुर्ग लोग अपने समय की बातें याद करने लगे। रैली को दोपहर 12 बजे मुख्य अतिथि डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन फाउंडेशन की सचिव कुमकुम स्वरूप, अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस खिलाड़ी गीता टंडन कपूर और ग्रीनपार्क के क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी अजय सेठी ने झंडी दिखाकर रवाना किया।
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रैली में 10 विंटेज कारें और तीन पुराने स्कूटर शामिल थे। रैली वीआईपी रोड होते हुए गंगा बैराज के लिए निकल पड़ी। लोगों ने वीडियो भी बनाया। कई लोग शामिल भी हुए। करीब साढ़े पांच किलोमीटर चलने के बाद रैली गंगा बैराज स्थित सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में समाप्त हुई।

रॉल्स रॉयस : लकड़ी से बनी कार का राजसी ठाठ
रॉल्स रॉयस राजा रजवाड़ों की कार कही जाती है। 1913 के मॉडल की यह राजसी कार लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। इस कार के मालिक स्वरूप नगर निवासी यासिर इब्राहिम हैं। इसमें छह सिलिंडर लगे हैं। यह कार लंदन से खरीदी गई थी। इस कार की बॉडी लकड़ी से बनी है। सोफे जैसी सीटें ओर खिड़कियों पर पर्दे राजसी ठाठ को बया करते हैं। 

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मॉरिस टाइगर : 1000 सीसी का इंजन
रैली में शामिल मॉरिस टाइगर 1942 का मॉडल है। इस कार को क्राइस्ट चर्च कॉलेज की पूर्व प्रधानाचार्या डॉ. नीता जैन ड्राइव कर रहीं थीं। उन्होंने बताया कि मॉरिस टाइगर की सबसे खास बात इसका इंजन है। यह 1000 सीसी का है। पिछले 40 सालों से यह कार उनके पास है। बताया कि उनके पति डॉ. एएम जैन पुरानी कारों के खासे शौकीन हैं। 

ऑस्टिन 16 : टायरों में हाइड्रोलिक जैक
स्पेशल स्कूल में बतौर सेंट्रल कोऑर्डिनेटर के पद पर कार्यरत सिविल लाइंस निवासी जूही निगम ऑस्टिन-16 कार लेकर शामिल हुईं। उन्होंने बताया कि यह कार उनके पास पिछले 15 सालों से है। इसे उन्होंने अपने दोस्त से खरीदी थी। वे बताती हैं कि इस कार कि खास बात है कि इसके चारों टायर में हाइड्रोलिक  जैक लगा है। इससे टायर को बदलने में किसी तरह की परेशानी नहीं होती है।
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मॉरिस माइनर : जब पेट्रोल की हुई कमी
मॉरिस माइनर 1950 का मॉडल है। इसके मालिक टीएस जोहर ने बताया कि इस कार के आधार पर ही एंबेसडर कार लांच की गई थी। वर्ल्ड वार के बाद इसे तब लांच किया गया था, जब पेट्रोल की कमी आ गई थी। तब की कारों की अपेक्षा इसका एवरेज ज्यादा था। 
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शेवरलेट सुपीरियर- 5 : टूरिंग कार 
1926 की शेवरलेट सुपीरियर-5 को रैली में आनंदवीर सिंह लेकर आए थे। उन्होंने बताया कि यह एक टूरिंग कार है। दूर कहीं घूमने जाने के लिए लोग इसका इस्तेमाल करते थे। बैठने में बहुत आरामदायक है। 
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फोर्ड जीप : द्वितीय विश्व युद्ध में हुई थी इस्तेमाल
इस कार का प्रयोग द्वितीय विश्व युद्ध में किया गया था। कार के मालिक यासिर इब्राहिम हैं। कार को चला रहे राज ने बताया कि यह 1942 का मॉडल है। रैली में ताहिर इब्राहिम की 1942 की फोर्ड जीप भी शामिल हुई थी, इसका इस्तेमाल भी द्वितीय विश्व युद्ध में हुआ था।

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विलीज जीप : लगे हैं स्पेशल गीयर
1952 की विलीज जीप को चला रहीं शताक्शी गुप्ता ने बताया कि यह अमेरिकन कंपनी की कार है। यह अब नहीं बनती है। इसमें स्पेशल गियर हैं। कचरे या कीचड़ में फंसने पर चौथा गियर लगाने पर आराम से निकल जाती है।

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फोर्ड : शिकार के लिए होता था इस्तेमाल
फोर्ड 1928 कार की खास बात है कि इसको शिकार के लिए इस्तेमाल किया जाता था। इसकी पिछली सीठ पर सात आठ लोग बैठकर आराम से शिकार पर जाते थे। इसको जोंगा भी कहा जाता है।

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ऑस्टिन-7 : घूमने में इस्तेमाल करते थे लोग
ऑस्टिन-7 इंग्लैंड का मॉडल है और इस कार को वहीं से लाया गया है। कार के मालिक स्वरूप नगर निवासी राजीव सिंह ने बताया कि यह एक छोटी कार है। इसे पुराने जमाने में लोग शाम को घूमने जाने में इस्तेमाल करते थे। 

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लंबरेटा स्कूटर : पहला कॉमर्शियल मॉडल
लाजपत नगर में रहने वाले टीएस जोहर रैली में अपना 1954 का लंबरेटा डी स्कूटर और 1959 का लंबरेटा एलआई 150 स्कूटर लाए थे। उन्होंने बताया कि यह इटालियन स्कूटर था जिसका यह पहला कॉमर्शियल मॉडल है। 
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रैली में शामिल होकर अच्छा लगा

अपराजिता के तहत निकाली गई इस रैली का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना था। हर महिला सशक्त है और वो कभी पराजित नहीं होती है। रैली में शामिल होकर अच्छा लगा। 
- अंजलि मिश्रा

पहली बार विंटेज कार रैली में शामिल हुआ। अपराजिता के तहत निकाली गई इस रैली में शामिल होकर बहुत खुशी हुई। इस तरह की जागरुकता रैली निकलती रहनी चाहिए। 
- गौरव अग्निहोत्री

इस रैली के जरिये नारी शक्ति का संदेश दिया गया। विंटेज कारों ने इस रैली को और भी खास बना दिया। 
- अनुभवा चटर्जी

हर महिला अपराजिता है। बस इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए रैली में शामिल हुई। लोगों को जागरूक कर अच्छा लगा। 
- सौम्या मिश्रा
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