छात्राओं और किशोरियों पर समाज निर्माण की जिम्मेदारी भी है। समाज को भयमुक्त बनाना है, तो आपको भी यह महसूस करना होगा कि आप समाज के साथ कदम ताल कर रही हैं। महिला को जननी कहा जाता है और जननी कभी पराजित नहीं होती। वह हमेशा अपराजिता ही रहती है। उक्त विचार राजकीय बालिका इंटर कालेज परिसर में आयोजित अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में इंटर कालेज की प्रवक्ता डॉक्टर संध्या सिंह ने व्यक्त किए। डॉक्टर संध्या सिंह ने कहा कि छात्राओं को अपनी ताकत पहचानकर इसका सदुपयोग करना चाहिए। आज के दौर में महिलाएं अंतरिक्ष की यात्रा कर रही हैं। छात्राएं मन लगाकर पढ़ाई करें और किसी भी प्रकार का उत्पीड़न होने पर चुप्पी न साधें। प्रभारी प्रधानाचार्या जयति राजपूत ने कहा कि अमर उजाला ने महिलाओं, छात्राओं और किशोरियों को उनकी ताकत का एहसास कराने के लिए अपराजिता कार्यक्रम शुरू किया है। छात्राओं को चाहिए कि वह झिझकना छोड़ें और खुलकर बोलें, लेकिन बोलते समय मर्यादा और शब्दों का भी ध्यान रखें। अधिकार सब चाहते हैं, लेकिन कर्तव्य निभाने पर ध्यान नहीं देते। कार्यक्रम को कुसुमा पांडेय, संगीता चौरसिया, किरन देवी ने भी संबोधित किया।