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अपराजिता-100 मिलीयन स्माइल्सः बेटी को मत समझो भार, वह है 'जीवन का आधार'

Tue, 08 Jan 2019 02:18 PM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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‘अमर उजाला अपराजिता-100 मिलीयन स्माइल्स’ कार्यक्रम
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‘बेटी पढ़ेगी तभी आगे बढ़ेगी...’ ‘...बेटी जीवन की आधार’ आदि स्लोगन के साथ ‘अमर उजाला अपराजिता-100 मिलीयन स्माइल्स’ के बैनर तले सोमवार को गुजैनी जे-ब्लॉक स्थित दुर्गा प्रसाद विद्या निकेतन से ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ जन जागरूकता रैली निकाली गई।
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स्कूल की प्रधानाचार्य शैलजा त्रिपाठी ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। रैली में कक्षा नौ से 12 तक की छात्राओं ने बैनर व स्लोगन से लिखी तख्तियां दिखाकर सबको जागरूक किया। इस दौरान छात्राओं ने बेटी को मत समझो भार, बेटी जीवन की आधार...’, ‘बेटी को मत समझो भार, वह है जीवन की आधार’ जैसे स्लोगन वाली तख्तियों से लोगों को जागरूक किया। रैली स्कूल परिसर गुजैनी जे ब्लॉक की गलियों में घूमकर वापस स्कूल परिसर में समाप्त हुई। इस मौके पर केए दुबे पद्मेश, सिद्धार्थ दुबे, सौमित्र दुबे, ज्योत्सना मिश्रा, एकता दुबे, अपर्णा दुबे उपस्थित रहे। 

हरदोई में अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम

छात्राओं और किशोरियों पर समाज निर्माण की जिम्मेदारी भी है। समाज को भयमुक्त बनाना है, तो आपको भी यह महसूस करना होगा कि आप समाज के साथ कदम ताल कर रही हैं। महिला को जननी कहा जाता है और जननी कभी पराजित नहीं होती। वह हमेशा अपराजिता ही रहती है। उक्त विचार राजकीय बालिका इंटर कालेज परिसर में आयोजित अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम में इंटर कालेज की प्रवक्ता डॉक्टर संध्या सिंह ने व्यक्त किए।  डॉक्टर संध्या सिंह ने कहा कि छात्राओं को अपनी ताकत पहचानकर इसका सदुपयोग करना चाहिए। आज के दौर में महिलाएं अंतरिक्ष की यात्रा कर रही हैं। छात्राएं मन लगाकर पढ़ाई करें और किसी भी प्रकार का उत्पीड़न होने पर चुप्पी न साधें। प्रभारी प्रधानाचार्या जयति राजपूत ने कहा कि अमर उजाला ने महिलाओं, छात्राओं और किशोरियों को उनकी ताकत का एहसास कराने के लिए अपराजिता कार्यक्रम शुरू किया है। छात्राओं को चाहिए कि वह झिझकना छोड़ें और खुलकर बोलें, लेकिन बोलते समय मर्यादा और शब्दों का भी ध्यान रखें। अधिकार सब चाहते हैं, लेकिन कर्तव्य निभाने पर ध्यान नहीं देते। कार्यक्रम को कुसुमा पांडेय, संगीता चौरसिया, किरन देवी ने भी संबोधित किया।

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