अपराध और अपराधियों से दूरी बनाए रखने वाले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इतनी भारी भूल होगी, इसका अंदाजा भी न था। मामला तूल पकड़ता देख अब भाजपाई नेता इस पर सफाई देने में लगे हैं।
सीएम योगी को बुके देकर स्वागत करता हत्या के आरोपी एमएलए अमनमणि त्रिपाठी।
दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिनों के लिए गोरखपुर में है। वे शनिवार को गोरखपुर यूनिवर्सिटी कैंपस में एक मर्डर के आरोपी एमएलए के साथ नजर आए। इसको लेकर जबरदस्त चर्चा चल रही है। हालांकि भाजपाई नेता इस मामले में सफाई देने के लिए आगे आए हैं।
रविवार को इटावा में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राम कृपाल यादव ने मुख्यमंत्री योगी के साथ अमनमणि त्रिपाठी के मंच साझा करने का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मंच पर जनप्रतनिधि का आना कोई बुरी बात नहीं। केवल अपराध लग जाने से कोई अपराधी नहीं हो जाता।
दरअसल, अपराध और अपराधियों से सीएम योगी हमेशा बचते नजर आते है। उनसे दूरी बनाए रखना उनके लिए उचित भी है। अभी-अभी प्रदेश में सरकार बनी है और इस तरह मर्डर के मामले में फंसे एमएलए से मिलकर सीएम योगी ने चर्चा का बाजार गर्म कर दिया है।
अमनमणि ने मंच पर योगी का छूकर लिया आशीर्वाद।
सीएम योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम में सारा मर्डर केस के आरोपी और नौतनवां से एमएलए अमन मणि त्रिपाठी भी नजर आए। उन्होंने मंच पर सीएम को बुके देकर स्वागत किया और पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। हालांकि, ये कोई पहला मौका नहीं है, इससे पहले भी अमन मणि अपने चाचा और फैमली के साथ गोरखनाथ मंदिर जाकर उनसे आशीर्वाद ले चुके हैं। यही नहीं, वह बीजेपी को बिना शर्त समर्थन घोषणा की इशारा भी कर चुके हैं।
अपनी ही पत्नी की हत्या का आरोपी है ये एमएलए
चर्चित 'मधुमिता हत्या कांड' के बारे में तो आप जानते ही होंगे। अगर जानते हैं तो एमएलए अमन मणि के नाम से भी वाकिफ होंगे। बता दें एमएलए अमनमणी के पिता व पूर्वमंत्री अमरमणी इस मामले में सजा काट रहे हैं। अमनमणी खुद भी अपनी पत्नी सारा सिंह की हत्या के आरोपी हैं। इस समय जमानत पर हैं।
पत्नी सारा मर्डर केस में आरोपी हैं अमनमणि।
अमनमणि महराजगंज के नौतनवां विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक हैं। शनिवार को गोरखपुर यूनिवर्सिटी कैंपस में मंच पर वह अन्य विधायकों के साथ बैठे नजर आए। 11 मार्च 2017 को संपन्न हुई वोटों की काउंटिंग के दूसरे दिन अमन मणि त्रिपाठी अपनी बहन और सहयोगियों के साथ गुरु गोरक्षनाथ मंदिर में पहुंचे थे।
अमनमणि फिलहाल जमानत पर हैं।
गुरु गोरक्षनाथ की पूजा अर्चना के पहले उन्होंने पीठाधीस्वर एवं वर्तमान में सीएम महंत योगी आदित्यनाथ का पैर छूकर आशीर्वाद लिया था। उस वक्त अमन मणि ने कहा था कि हिन्दू धर्म के बड़े आस्था के केंद्र में उन्होंने आकर पूजा अर्चना की है और पीठाधीश्वर की हैसियत से वे योगी आदित्यनाथ का आशीर्वाद लेने आए हैं।
शनिवार को जब अमन मणि यूनिवर्सिटी में बने सीएम के मंच पर समय से काफी पहले पहुंचे और मंच पर बेचैनी के साथ इधर-उधर टहल कर मोबाइल पर बात कर रहे थे, तभी अचानक सबकी नजरों में आ गए। सीएम के मंच पर और सीएम के बेहद करीब तक पहुंचना लोगों के बीच इस बात का इशारा था कि आने वाले दिनों में अमन मणि त्रिपाठी बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।
नौतनवां से हैं निर्दलीय विधायक।
इसके पहले सीएम योगी आदित्यनाथ जब पहली बार 25 मार्च को गोरखपुर आए थे तो अमन मणि और उनके पिता बाहुबली पूर्व मंत्री अमर मणि त्रिपाठी के नाम के पोस्टर गोरखपुर की हर सड़कों पर योगी के स्वागत में लगे थे।
अन्य विधायकों के साथ मंच पर रहे विराजमान। दाएं से दूसरा।
ऐस पहुंचे सीएम योगी के पास मंच पर
अमन मणि त्रिपाठी का नाम पुकारे जाने पर वे सीएम योगी आदित्यनाथ के पास पहुंचे और बुके देकर स्वागत किया। फिर पैर छूकर कर अपने स्थान पर बैठ गए। उन्होंने सीएम को एक लिफाफा भी दिया। लिफाफे के संबंध में पूछे जाने पर अमनमणि ने कहा कि उन्होंने अपने क्षेत्र के विकास के लिए जो जरूरत थी, उस संबंध में सीएम को लेटर दिया है।