कन्या कुमारी से शांति एवं सद्भाव की आशा यात्रा लेकर शहर आए श्री एम (मुमताज) ने सोमवार को छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी के स्टूडेंटों से सीधा संवाद किया। मंच से संदेश दिया कि साथ रहें, साथ चलें और साथ रहकर पराक्रम करें, तभी सकारात्मक रिजल्ट सामने आएगा।
देश तरक्की करेगा। डेढ़ घंटे के संवाद के दौरान तमाम स्टूडेंटों ने श्री एम से सवाल किया और सीधा जवाब मांगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इस्लाम में भी अच्छी शिक्षा, शांति और सद्भाव का जिक्र है। कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन ने किया, फिर शांति और सद्भाव पर संवाद शुरू हुआ।
श्री एम ने कहा कि उनका शुरुआती नाम मुमताज था, जिसे आध्यात्मिक गुरु ने बदलकर मधुकर कर दिया। अब उन्होंने यही नाम मानव को समर्पित कर दिया। हिमालय की यात्रा के दौरान कुरान और वेदांत का अध्ययन किया, फिर पता चला कि सभी धर्म समान हैं और सभी का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानपुर के लोग शांति, सद्भाव की मिसाल कायम कर सकते हैं।