कानपुर में आईआईटी से मोतीझील तक प्रस्तावित मेट्रो प्रोजेक्ट के ट्रैक और स्टेशनों के निर्माण के साथ ही लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन (एलएमआरसी) ने पॉलिटेक्निक में बन रहे यार्ड की सूरत भी बदलने की तैयारी कर ली है। एलएमआरसी ने मेट्रो यार्ड में बिजली, पानी, सड़क, जल निकासी, अग्निशमन उपकरणों आदि के लिए 100 करोड़ के टेंडर जारी कर दिए हैं। 23 सितंबर तक कंपनियों से आवेदन मांगे गए हैं। इसके बाद कंपनी चयन की प्रक्रिया शुरू होगी। अक्तूबर में मेट्रो ट्रैक और स्टेशनों के निर्माण के साथ ही यार्ड की सूरत भी बदलने लगेगी।
एलएमआरसी ने चार अक्तूबर 2016 को गुरुदेव चौराहा स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक में मेट्रो के यार्ड और इसकी बाउंड्रीवॉल बनाने का काम शुरू किया था। बाउंड्रीवॉल का काम लगभग पूरा हो गया है। यार्ड निर्माण की राह में विद्युत पोल, लाइनें आ रही हैं। साथ ही यहां की सड़कें भी बुरी स्थिति में हैं। शहर में मेट्रो दौड़ने से पहले एलएमआरसी यार्ड का काम खत्म कर लेना चाहता है, क्योंकि मेट्रो के कोच और इंजन का रखरखाव इसी यार्ड से होगा।