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Kanpur News: 3032 सीटों के लिए तीन चरणों में मात्र 747 को स्कूलों का आवंटन

Sun, 10 May 2026 01:16 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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कानपुर देहात। जिले में आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेश के लिए तीन चरणों में हुए 1154 आवेदन में 747 का आवंटन हो सका है। वहीं, योजना के तहत लगभग 3032 सीटें उपलब्ध हैं।
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत गरीब व वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा देने का प्रावधान है। जनपद के कई निजी स्कूलों में सीटें खाली रह जाती है लेकिन जरूरतमंद को इसका लाभ नहीं मिल पाता है। अधिकतर आवेदन की छोटी-छोटी कमी या त्रुटियों के चलते छंटाई कर दी गई। इससे उनको योजना का लाभ नहीं मिल सका है। योजना के लिए जिले में 333 निजी विद्यालयों की मैपिंग की गई है। इन विद्यालयों योजना का लाभ दुर्बल समूह के आवेदकों को मिल सकता था। इसके लिए विद्यालयों में छात्र संख्या के आधार पर 25 प्रतिशत स्थान इन आरटीई योजना के आवेदकों के लिए आरक्षित था। इनकी संख्या पूरे जिले में 3032 के करीब है।
इन विद्यालयों में प्रवेश के लिए पहले चरण में 485 आवेदन आए थे। इनमें मात्र 322 का चयन हो सका। वहीं, दूसरे चरण में आए 341 आवेदनों में 234 व तीसरे चरण की प्रक्रिया में आए 328 आवेदनों में 191 अभ्यार्थियों का चयन निजी विद्यालयों के लिए किया गया। इस प्रकार तीनों चरण में 1154 आवेदन आए और 747 का ही आवंटन हो सका। शेष 407 आवेदन या तो लॉटरी में आए नहीं या तो मामूली त्रुटियों के चलते निरस्त कर दिए गए हैं। इस पर भी जिन्हें स्कूलों का आंवटन हुआ है। उनमें 648 को ही स्कूलों में दाखिला मिल सका और 99 अभिभावक अभी तक स्कूलों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। हालांकि विभाग के अनुसार इनमें से कई ने स्कूल के दूर होने के कारण प्रवेश नहीं लिया है जबकि अन्य का दाखिला होने की प्रक्रिया चल रही है।
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वार्ड से बाहर होते ही निरस्त हो जाता आवेदन
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया होने से जगह, नाम, पिता के नाम आदि में बड़ी सावधानी बरतनी पड़ती है। इसके साथ ही यदि कोई बहुत प्रचलित विद्यालय है, तो अधिकांश लोग उसी विद्यालय में विकल्प भरते हैं लेकिन विद्यालय में स्थान सीमित होने के कारण कुछ का ही आंवटन होता है। अन्य विकल्प न होने से आवेदन आगे बढ़ ही नहीं पाता। डीसी सामुदायिक सहभागिता अश्वनी आनंद ने बताया कि एक विद्यालय जो आवेदक के घर के नजदीक में ही क्यों न हो, लेकिन वार्ड में अंतर आ गया तो भी आवेदन निरस्त हो जाता है। आवेदन करते समय इन बातों का ध्यान रखना चाहिए और अपने ही वार्ड के विद्यालय के लिए आवेदन करना चाहिए।
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वर्जन......
चयनित बच्चों के अभिभावकों को स्कूल जाकर दाखिले की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। यदि कोई स्कूल हीलाहवाली करता है, तो उसकी शिकायत कार्यालय में करें। संबंधित स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अधिक आवेदन आए है, साथ ही ज्यादा आंवटन होने के अलावा ज्यादा अभ्यार्थियों को स्कूलों में दाखिला मिला है। - अजय कुमार मिश्र, बीएसए
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आरटीई के तहत हुए आवेदनों पर एक नजर
चरण - आवेदन - स्वीकृत - आवंटन
प्रथम - 485 - 365 - 322
द्वितीय - 341 -281 - 234
तृतीय - 328 - 214 - 191
कुल - 1154 - 860 - 747
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