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ऑक्सीजन की कमी से उर्सला के सभी आईसीयू वेंटिलेटर बंद, नॉन कोविड रोगियों को भी नहीं मिल पा रही सांसें

Thu, 06 May 2021 07:05 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

उर्सला आईसीयू के चार वेंटिलेटर बंद हो गए हैं। ऑक्सीजन की कमी की वजह से पर्याप्त प्रेशर न हो पाने से वेंटिलेटर चल नहीं पा रहे हैं। इससे गंभीर रोगियों को लौटना पड़ रहा है और अस्पताल की व्यवस्था लड़खड़ा रही है।
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कोरोना वायरस - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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ऐसे वक्त में जब कोविड और नॉन कोविड दोनों तरह के गंभीर रोगियों को सांसों की जरूरत पड़ रही है। उर्सला आईसीयू के चार वेंटिलेटर बंद हो गए हैं। ऑक्सीजन की कमी की वजह से पर्याप्त प्रेशर न हो पाने से वेंटिलेटर चल नहीं पा रहे हैं। इससे गंभीर रोगियों को लौटना पड़ रहा है और अस्पताल की व्यवस्था लड़खड़ा रही है।
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वहीं बाकी दो वेंटिलेटर चालू ही नहीं हो सके हैं। उर्सला को कोविड स्टेटस इसलिए नहीं दिया गया था कि नॉन कोविड रोगियों को दिक्कत न हो, लेकिन रोगी इतनी तेजी से बढ़ रहे हैं कि सारी व्यवस्था ध्वस्त हो गई। कोविड अस्पताल न होते हुए यहां कोविड रोगी भर्ती हैं, उन्हें शिफ्ट नहीं किया जा पा रहा है। इससे नॉन कोविड रोगियों के बेड कम हो गए और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।

इसके साथ ही अस्पताल में ऑक्सीजन की मांग बहुत बढ़ गई है। अस्पताल के आईसीयू में लगे वेंटिलेटर को पर्याप्त ऑक्सीजन प्रेशर नहीं मिल पा रहा है, जिससे यह काम नहीं कर रहे। इस पर अस्पताल प्रशासन ने इन्हें बंद कर दिया है। इस वजह से नॉन कोविड रोगियों को वेंटिलेटर की जरूरत है, उन्हें कहीं और शिफ्ट होना पड़ रहा है।
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इसके अलावा जिन कोविड रोगियों की हालत गंभीर होती है और वेंटिलेटर नहीं मिल पाता, उनकी मौत हो जा रही है। अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनिल निगम का कहना है कि ऑक्सीजन का पर्याप्त प्रेशर न होने से वेंटिलेटर बंद करने पड़े। इसके अलावा इस वक्त 240 ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत है और 200 ही मिल पा रहे हैं।
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कोविड रोगी बढ़ा रहे नॉन कोविड को खतरा
उर्सला में इस वक्त 25 कोरोना रोगी भर्ती हैं। इन्हें हैलट और कांशीराम शिफ्ट नहीं किया जा पा रहा है। इससे यहां आने वाले नॉन कोविड रोगियों को खतरा बढ़ रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर आईसीयू में कोरोना रोगी भर्ती कर लें तो नॉन कोविड को भर्ती नहीं किया जा सकेगा।

एक जनरेटर प्लांट और मांगा
उर्सला की इमरजेंसी बिल्डिंग की तरफ एक ऑक्सीजन जनरेटर प्लांट लगाया जा रहा है। इसे लगाने के लिए गुरुवार शाम इंजीनियर मुंबई से आ गए हैं। तीन-चार दिन में यह चालू हो जाएगा। इसके अलावा उर्सला प्रबंधन ने प्रशासन को एक और जनरटेर प्लांट की डिमांड भेजी है। यह जनरेटर प्लांट प्रशासनिक भवन के कैंपस में लगाया जाएगा। इससे यहां के वार्डों में भर्ती रोगियों को ऑक्सीजन की सुविधा मिल सकेगी।

एक नजर
अस्पताल में कुल बेड संख्या-500
अस्पताल के क्रियाशील बेड-430
ऑक्सीजन युक्त बेड की संख्या-75
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