मंकी पॉक्स को लेकर अस्पतालों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। हालांकि अभी देश में मंकी पॉक्स की किसी रोगी में पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पड़ोसी मुल्क में रोगी मिलने के बाद केंद्र ने गाइडलाइन जारी कर दी है। सीएमओ डॉ. आलोक रंजन ने बताया कि केंद्र की गाइडलाइन आ गई है। उसी के लिहाज से दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अस्पतालों से अलर्ट रहने के लिए कहा गया है।
डॉ. आलोक रंजन ने बताया कि अस्पतालों, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में संदिग्ध रोगी आता है तो उसकी जांच कराई जाएगी। इसके अलावा विदेश और दिल्ली, मुंबई आदि शहरों से आने वाले लोगों पर नजर रखी जाएगी। अगर किसी को बुखार आता है और शरीर पर चकत्ते उभर आते हैं तो उसकी जांच कराई। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि मंकी पॉक्स वायरल बीमारी है। यह डीएनए वायरस से फैलती है। इसमें तेज बुखार पहले आता है। फिर चकत्ते होते हैं। इसमें न्यूरो संबंधी दिक्कतें अधिक होती हैं। रोगी को इंसेफ्लाइटिस हो सकती है। मिर्गी जैसे दौरे भी पड़ सकते हैं। लापरवाही पर दिव्यांगता आ सकती है।