आईआईटी कानपुर में आयोजित तीन दिवसीय साहित्य महोत्सव अक्षर 2026 के दूसरे दिन शुक्रवार को अभिनय, नृत्य, रंगमंच और संगीत की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। आउटरीच ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रमों में प्रसिद्ध कलाकारों ने भारतीय साहित्य और सांस्कृतिक विरासत के विविध रंग बिखेरे।
दिन की शुरुआत किरदार : एक अभिनेता के भीतर का संसार संवाद सत्र से हुई। इसमें अभिनेता अतुल श्रीवास्तव, दर्शन जरीवाला, सुचित्रा पिल्लई और प्रो. डिम्पी मिश्रा ने अभिनय की बारीकियों और किरदारों को जीवंत बनाने के अनुभव साझा किए। इसके बाद गीतकार समीर अंजान ने यूनुस खान के साथ हिंदी फिल्मी गीतों के बदलते स्वरूप और उनके भावनात्मक पक्ष पर चर्चा की। कथक नृत्यांगना प्रो. संगीता श्रीवास्तव और युवा कलाकारों ने उत्तर प्रदेश की नृत्य शैली पर आधारित प्रस्तुति दी।
रूपवाणी थिएटर ग्रुप ने चित्रकूट-श्रीराम का सफर नाटक का मंचन किया। शाम को सैफ नईम अली तिरखवा की गजलों और रागधानी बैंड की माटी-बानी प्रस्तुति ने दर्शकों को लोक संगीत से जोड़ा। महोत्सव में पुस्तक मेला भी आकर्षण का केंद्र रहा। इसमें विभिन्न भाषाओं और विधाओं की पुस्तकें प्रदर्शित की गईं। आयोजन में भारतीय भाषाओं के संरक्षण, शिक्षण और तकनीक से उनके जुड़ाव पर भी जोर दिया गया।