अखिलेश यादव
कैराना व नूरपुर की घटनाओं से साबित हो गया है कि ईवीएम से मतदान लोकतंत्र के लिए खतरा है। सवाल यह भी है कि ये मशीनें उन्हीं इलाकों में क्यों खराब हुईं जहां रालोद, सपा व बसपा के वोटर थे। गरीब, मुस्लिम, दलित और किसान, मजदूर मतदान नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से शिकायतें आई हैं, हमें उम्मीद है कि निर्वाचन आयोग वहां दोबारा वोट डालने का मौका देगा। उन्होंने अंदेशा जताया कि मशीनें एक रणनीति के तहत मशीनें खराब की गईं थी।