कन्नौज में 'सामाजिक न्याय से महापरिवर्तन' सपा, बसपा और आरएलडी (राष्ट्रीय लोक दल) की संयुक्त महारैली में कन्नौज से सपा प्रत्याशी और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव को समर्थन देने के लिए मायावती, अखिलेश यादव, अजीत सिंह एकत्र हुए।
अखिलेश यादव ने कहा भीषण गर्मी में आया हुआ ये जन सैलाब बता रहा है कि इस बार सबसे बड़ा परिणाम कन्नौज से ही आएगा। अखिलेश बोले मैं और डिंपल यहां आने से पहले मां अन्नपूर्णा मंदिर गए थे। रैली स्थल पर सांड घुसने के मामले में अखिलेश यादव ने कहा कि आपने कुछ देर पहले यहां का नजारा देखा होगा।
जब वो घुसे तो हमने डीजीपी साहब को फोन किया। उनसे कहा कि हमारी जनसभा को कोई खराब करने आया है। वो नहीं समझ पाए। हमने फिर बताया कि सभा में कौन घुसा है वो फिर भी नहीं समझ पाये। फिर हमें बताना पड़ा कि यहां कौन आया है। हमे नहीं पता था कि हमे सुनने के लिए ये भी आएंगे। अखिलेश ने हरदोई में सीएम योगी की रैली में सांड घुसने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि ये कहीं भी आ जाएंगे। उन्हें लगा होगा कि यहां पर भी हरदोई वाला हेलीकॉप्टर आया है तो चलाे शिकायत कर लें।
इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए डिंपल यादव ने भाजपा पर हमलावर होते हुए कहा कि सत्ता में रहने के लिए भाजपा वाले कोई भी मर्यादा लांघ सकते हैं। इनके द्वारा मर्यादा की सभी सीमाओं को पार कर लिया गया है।
डिंपल ने कहा कि आज देश बहुत ही नाजुक स्थिती से गुजर रहा है। पिछले पांच सालों से देश और समाज को धर्म और जाति के नाम पर बांटने के लिए काम किए जा रहे हैं। भाजपा ने सत्ता के लालच में देश की राजनीति की दिशा और दशा दोनाें को ही बदल दिया है। हम रोज महिलाओं, दलितों, किसानों, अल्पसंख्यकों पर अत्याचार किए जा रहे हैं।
ये हम लोग रोज देखते आ रहे हैं। डिंपल ने कहा भाजपा जानती है कि अगर किसी समाज को गुलाम बनाना है तो उसे शिक्षा और रोजगार से वंचित कर दो। वह खुद ब खुद गुलाम बन जाएगा। इसी साजिश के तहत भाजपा दलितों को उच्च शिक्षा से वंचित करने का षड्यंत्र रच रही है।
डिंपल ने कहा लोकसभा चुनाव 2019 के लिए सपा, बसपा और आरएलडी (राष्ट्रीय लोक दल) एक हुए हैं। यह देश हित के लिए बहुत बड़ा प्रयास है। उत्तर प्रदेेश से भारतीय जनता पार्टी का सफाया करने के लिए बसपा सुप्रीमो मायवाती ने जो कदम उठाया है वो प्रशंसा के काबिल है।
डिंपल ने कहा कि 12 जनवरी को जो प्रेस वार्ता हुई थी महागठबंधन के लिए उसमें अखिलेश जी ने कहा था कि मायावती का अपमान मेरा अपमान है और मायावती जी का सम्मान मेरा सम्मान है। रैली को संबोधित करने के दौरान बसपा सुप्रीमों मायावती ने कहा कि इस चुनाव में जनता नमो नमो वालों की छुट्टी कर जय भीम वालों को लेकर आएगी।