समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि समाज में नफरत करने वालों की कोई जगह नहीं होती है। अमेरिका में नफरत फैलाने वाले डोनाल्ड ट्रंप सत्ता से बाहर हो गए। वह दिन दूर नहीं जब भारत में नफरत फैलाने वाले सत्ता से दूर हो जाएंगे।
गणतंत्र दिवस पर पैतृक गांव सैफई में सपा प्रमुख ने 158 फीट ऊंचा ध्वजारोहण कर ट्रैक्टर रैली को संबोधित किया। अखिलेश ने कृषि कानूनों को किसानों का डेथ वारंट करार देते हुए कहा कि सरकार ने बिना बहुमत के फैसला कर दिया।
सरकार विरोध करने वाले किसानों को आतंकवादी और खालिस्तानी बता रही है। अगर किसान आतंकवादी हैं तो भाजपा वाले उनका उपजाया हुआ अनाज क्यों खा रहे हैं। सरकार ने दावा किया है कि किसानों को धान की 1868 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी दी गई।
जबकि हकीकत है कि प्रदेश में किसानों को अपना धान 900 से 1100 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बेचना पड़ा है। अखिलेश ने सीएम योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि बाबा मुख्यमंत्री कहते हैं कि हमने 24 करोड़ में से 14 करोड़ लोगों को रोजगार दिया।
कहां दी नौकरी किसी को पता नहीं। प्रदेश में बेरोजगारी चरम पर है। विकास के नाम पर सपा शासन में करवाए गए विकास कार्यों के नाम और रंग बदला जा रहा है। कहा कि सीएम ‘योगी’ नहीं हैं वह इटावा, सैफई, फिरोजाबाद और मैनपुरी के लोगों से नफरत रखते हैं।
इटावा में पैदा हुए शेरों को कही और ले जाने की तैयारी हो रही है। अखिलेश ने कहा कि जिन लोगों ने डिफेंस कॉरिडोर को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार से एमओयू किया था, सुनने में आया है कि कई कंपनियों ने वह एमओयू वापस ले लिया है।
राम मंदिर निर्माण के लिए बीजेपी के लोग ठेकेदार बन गए हैं। इस दौरान पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव, पूर्व सांसद तेज प्रताप सिंह यादव, सपा प्रवक्ता एमएलसी सुनील साजन, सपा ब्लॉक अध्यक्ष सैफई संतोष शाक्य, राजवीर सिंह यादव, भारत सिंह यादव, रामबाबू यादव, राजवीर बाबा, शिवराम सिंह यादव ,बजरंगी यादव, अमित शुक्ला आदि मौजूद रहे।