तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच। जोश और उत्साह उससे भी ज्यादा चरम पर। चिलचिलाती धूप और गर्म हवा के थपेड़े। इन सबको सहते हुए सड़क किनारे पसीने में भीगे कार्यकर्ताओं का हुजूम। चुनावी रथ पर सवार अखिलेश कभी अपनी सीट से ही बाहर की ओर देखकर हाथ हिलाते हुए बढ़े तो कहीं चुनावी रथ की छत पर खड़े होकर कार्यकर्ताओं से रूबरू भी हुए। जोश से लबरेज कार्यकर्ताओं से मुखातिब अखिलेश यादव ने कन्नौज में अपनी दावेदारी के बाद अपने लिए वोट की अपील की।
इस लोकसभा चुनाव प्रचार की शुरूआत सपा मुखिया ने प्रचार अभियान की शुरुआत पहले चरण में पीलीभीत से की थी। शनिवार को वह अपने प्रचार पर निकले। चुनाव रथ पर सवार होकर उन्होंने कन्नौज संसदीय सीट के तीन जिलों की तीन विधानसभा सीट को मथा। 40 किलोमीटर का उनका यह रोड शो चार घंटे में पूरा हुआ। पूरे रास्ते अपने चुनावी रथ की छत पर खड़े होकर लोगों को संबोधित किया और अपने लिए वोट मांगा।
कभी किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा तो कभी रोजगार और पेपर के मुद्दों पर युवाओं की आवाज उठाई। युवाओं के जोश और उत्साह के बीच मौसम की तपिश की परवाह किए बिना अखिलेश उनसे जुड़े हर मुद्दे को प्रमुखता से उठाकर उनके मन को टटोलते रहे। दोपहर करीब एक बजे रसूलाबाद से शुरू हुई उनकी यह यात्रा शाम पांच बजे तिर्वा कस्बे पहुंची। कस्बे के तीन किलोमीटर के सफर में उन्होंने 10 से ज्यादा जगहों पर रुक कर लोगों से मुलाकात की।
वोटर से सीधे जुड़ने के लिए रोड शो को नाम दिया मेल-मिलाप
15 वर्ष फिर से इत्रनगरी से अपनी दूसरी पारी की शुरुआत के लिए कन्नौज के दंगल में कूदे अखिलेश यादव ने वोटर से सीधे जुड़ाव के लिए रोड शो के कार्यक्रम को मेल-मिलाप नाम दिया। इस दौरान उन्होंने जनसभा के बजाय रोडशो के बहाने जगह-जगह सीधा संवाद किया। कहीं रथ की छत पर सवार होकर संबोधन किया तो कहीं रथ के दरवाजे पर आकर कार्यकर्ताओं से हाथ मिलाया। कई जगह पर रथ से उतरकर लोगों के बीच भी पहुंचे। उन्हें अपने बीच पाकर कार्यकर्ताओं व समर्थकों का उत्साह देखने लायक था। इस दौरान अखिलेश यादव ने अपने ढाई दशक के सियासी सफर के दौरान हुए जुड़ाव का हवाला देकर जुड़ने की कोशिश की। तीन बार कन्नौज से सांसद रहने के दौरान लोगों से अपने लगाव और कराए गए काम की याद दिलाई। यहां से सांसद रहते हुए मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने और विकास कार्य की भी याद दिलाई।
देश बदलाव चाह रहा, जुमला साबित हो रहा 400 पार का नारा
अपनी यात्रा के दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा पर करारा हमला बोला। कहा कि देश बदलाव चाह रहा है। 400 पार का नारा जुमला साबित हो रहा है। दो चरण के चुनाव से मिले रुझान के बाद भाजपा के लोग हताश और निराश हैं। यह तय हो गया है कि भाजपा की सरकार जा रही है, इंडिया गठबंधन की सरकार आ रही है। भाजपा की सरकार से परेशान किसान, नौजवान, महिलाएं सभी परेशान हैं।
बेरिया और रेखा के बहाने दलितों-पिछड़ों को साधा
रोडशो के दौरान अखिलेश यादव ने वोटरों को साधने में कोई कसर नहीं छोड़ी। रसूलाबाद विधानसभा क्षेत्र से यात्रा शुरू हुई तो उनके साथ वहां के पूर्व विधायक शिवकुमार बेरिया उनके सारथी बने। यात्रा आगे औरैया के बिधूना क्षेत्र में पहुंची तो वहां की विधायक रेखा वर्मा रथ की छत पर उनके साथ रहीं। बेरिया को आगे कर दलित बिरादरी और रेखा वर्मा को आगे कर लोधी बिरादरी तक अपनी बात पहुंचाई। लोकसभा चुनाव के ऐलान से ठीक पहले तिर्वा कस्बे में रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा लगाने के दौरान हुए विवाद के बहाने भाजपा को घेरा।