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Kannauj: इत्रनगरी में बढ़ी सियासी गर्मी, भाजपा-सपा में चले सियासी तीर, प्रत्याशियों ने दिया सियासी संदेश

Fri, 26 Apr 2024 04:00 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज

सार

Kannauj News: नामांकन के बाद अखिलेश यादव ने चुनाव लड़ने के फैसले पर खुलकर बात की। कहा कि जनता इस बार झांसे में नहीं आने वाली है। विकास की अनदेखी, महंगाई की मार, बढ़ती बेरोजगारी, नौकरी के लिए पलायन जैसे मुद्दों पर जनता भाजपा को चुनाव में हराएगी।
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कन्नौज लोकसभा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कन्नौज जिले में नामांकन के आखिरी दिन कलक्ट्रेट में दिनभर गहमागहमी रही। भाजपा और सपा का नामांकन एक ही दिन होने से माहौल गर्म रहा। नामांकन के बाद भाजपा के समर्थन में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जनसभा कर सपा पर सियासी तीर चलाए तो अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यालय में अपने कार्यकर्ताओं का जोश बढ़ाया। वर्ष 2009 में यहां से लगातार तीसरी बार जीते अखिलेश यादव अब 15 साल बाद फिर से सपा के उम्मीदवार बनकर लौटे हैं।

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चाचा प्रोफेसर रामगोपाल यादव और स्थानीय नेताओं के साथ कलक्ट्रेट पहुंचकर उन्होंने निर्वाचन अधिकारी शुभ्रांत शक्ला को चार सेट में नामांकन पत्र सौंपा। इन नेताओं के पहुंचने से पहले सपा कार्यालय में कन्नौज और आसपास के कई जिलों से नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का हुजूम पहुंचना शुरू हो गया था। नामांकन के लिए प्रो. रामगोपाल यादव ने सबसे पहले प्रस्तावकों को कलक्ट्रेट भेजा। इसके बाद खुद भी वहां पहुंच गए। उस दौरान भाजपा के सुब्रत पाठक नामांकन कराने पहुंचे।

उनके नामांकन के कुछ देर बाद ही सपा मुखिया अखिलेश यादव भी कलक्ट्रेट पहुंच गए। नामांकन के बाद वह पार्टी कार्यालय पहुंचे। कार्यकर्ताओं का उत्साह बता रहा था कि मुखिया के चुनाव लड़ने के फैसले से उनका हौसला बढ़ा हुआ है। यहां अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को नामांकन कराने की जानकारी देते हुए इस बार रिकॉर्ड बनाने के लिए जोश भरा। कहा कि भाजपा के किसी बहकावे में नहीं आएं। गांव-गांव जाएं और मतदान वाले दिन ज्यादा से ज्यादा वोटरों को बूथों तक लेकर पहुंचे।

भाजपा पर बोला हमला, जनता इस बार इनके झांसे में नहीं आने वाली
नामांकन के बाद कलक्ट्रेट परिसर में ही मीडिया से रूबरू होकर अखिलेश यादव ने चुनाव लड़ने के फैसले पर खुलकर बात की। जनता इस बार झांसे में नहीं आने वाली है। विकास की अनदेखी, महंगाई की मार, बढ़ती बेरोजगारी, नौकरी के लिए पलायन जैसे मुद्दों पर जनता भाजपा को चुनाव में हराएगी। सपा ने सभी वर्ग के साथ और विकास की बात की है। जनता भाजपा की सरकार से तंग आकर इंडिया गठबंधन की सरकार बनाने को तैयार है। पहले चरण के मतदान में जनता का मूड सामने आ चुका है। उसी से घबराकर भाजपा के लोग अब मुद्दों से हटकर नफरती भाषा बोलने लगे हैं।
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नामांकन के दौरान प्रस्तावकों व समर्थकों को सामने कर दिया सियासी संदेश
नामांकन के दौरान अखिलेश यादव जिन प्रस्तावकों और समर्थकों के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे, उससे उन्होंने जातीय समीकरण साधते हुए सियासी संदेश भी दिया है। उनके साथ जो चार प्रस्तावक रहे, उसमें अलग-अलग जातियों के चेहरे रहे। दलित समुदाय से पूर्व विधायक कल्याण सिंह दोहरे और पूर्व विधायक अनिल दोहरे के पुत्र यश दोहरे रहे। इनके बहाने बसपा के वोट में सेंध लगाने की कोशिश की गई। पिछड़ी जाति से प्रदेश सचिव आकाश शाक्य रहे। चौथे प्रस्तावक जिलाध्यक्ष कलीम खान रहे। इसके अलावा पार्टी के पुराने रणनीतिकार के रूप में शामिल ब्रजेंद्र नारायण सक्सेना उर्फ गुड्डू सक्सेना को साथ ले जाना नहीं भूले। ब्राह्मण मतदाताओं को साधने के लिए मनोज दीक्षित और जय तिवारी उर्फ बउअन तिवारी भी नामांकन के दौरान साथ रहे। लोधी समुदाय को साधने के लिए बिधूना की विधायक रेखा वर्मा भी मौजूद रहीं।
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