लड़ाकू विमानों की गड़गड़ाहट के बीच सोमवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे का उद्धघाटन किया। बांगरमऊ में सपा प्रमुख मुलायम सिंह की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने अपने ड्रीम प्रॉजेक्ट आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण किया। खास बात यह है कि अखिलेश ने देश के सबसे लंबे आगरा-लखनऊ 6 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को अपने पिता को गिफ्ट के रूप में दिया है।
एक्सप्रेस-वे आगरा से शुरू होकर फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, कन्नौज, हरदोई, कानपुर नगर और उन्नाव होते हुए लखनऊ तक पहुंचेगा। एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर ग्रीन बेल्ट को विकसित करने के लिए लगभग 3 लाख पौधे लगाए जा रहे हैं। 10 जिलों के 232 गांवों में लगभग 3500 हेक्टेयर भूमि 30 हजार 456 किसानों से आपसी सहमति से और बिना किसी विवाद के खरीदी की गई है। एक्सप्रेस-वे के बन जाने से तमाम उद्योगों जैसे कृषि, हैंडीक्राफ्ट, टूरिज्म और दुग्ध उद्योग का विकास होगा, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलेगा।
दिल्ली से लखनऊ का सफर महज़ 6 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। एक्प्रेस वे का अगले चरण में बलिया तक जुड़ेगा। इसकी तैयारी अभी से की जा चुकी है और चालीस फीसदी जमीन जुटाई जा चुकी है।
एक्सप्रेस वे के शानदार उद्घाटन को देखने के लिए भारी भीड़ इकट्ठा हुई। यहां एक-एक करके 11 लड़ाकू विमान जमीन पर उतरे और फिर उड़कर आसमान में समा गए। लड़ाकू विमानों का करतब देख रहे लोग आसमान की ओर ताकते रहे। यह पहला मौका होगा, जब फाइटर प्लेन उतरने के बाद एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा, 'मेरा संकल्प था कि हमारी सरकार इस प्रॉजेक्ट को पूरा करेगी। इससे अन्य लोगों को भी सीख लेनी
चाहिए। उन्होंने कहा आगरा-लखनऊ के साथ-साथ दिल्ली और लखनऊ के बीच की दूरियां सिमट गई हैं। महज 23 महीने के रिकार्ड समय में एक्सप्रेस-वे का काम पूरा हुआ है।