कानपुर में संगठित तरीके से जमीन, आवास और अन्य तरह की धोखाधड़ी और अपराधियों को संरक्षित करने में पुलिस, केडीए, राजस्व विभाग के 13 कर्मचारियों पर कार्रवाई हो सकती है। सभी को एसआईटी की ओर से नोटिस भेजने की तैयारी है। पुलिस के अधिकारी उनसे सवाल जवाब कर बयान ले सकते हैं। यह कार्रवाई एसआईटी के पास आई शिकायतों के आधार पर की जा रही है।
शिकायतकर्ताओं ने पुलिस, केडीए, राजस्व विभाग के कर्मचारियों पर अखिलेश दुबे व साथियों संग मिलीभगत करने का आरोप लगाया है। कमिश्नरी पुलिस के पास दुष्कर्म की एफआईआर कराकर धमकी देने, जबरन वसूली करने और रंगदारी मांगने की कई शिकायतें आ रही थीं। पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने जनवरी 2025 में एसआईटी का गठन किया।
रिपोर्ट में केवल 10 ही मामले सामने आए
इसमें डीसीपी क्राइम एसएम कासिम आबिदी, एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा और अन्य पुलिस अधिकारी शामिल हैं। अब तक एसआईटी के पास 54 शिकायतें आई हैं, लेकिन उनमें से संगठित तरीके से अपराध करने और दुष्कर्म व छेड़छाड़ के आरोप लगाकर रिपोर्ट में केवल 10 ही मामले सामने आए। उनकी जांच शुरू हो गई है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह मामले अखिलेश दुबे या उसके साथियों से जुड़े हुए मिले हैं।
सभी को भेजा जाएगा नोटिस
इनमें युवतियां भी शामिल हैं, जिनकी ओर से शिकायर्ताओं के खिलाफ एफआईआर कराई गई थी। डीसीपी क्राइम के मुताबिक अभी जांच चल रही है। हर केस की गहनता से पड़ताल कराई जा रही है। प्रारंभिक जांच में आरोपियों के साथ पुलिस, केडीए और राजस्व विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत भी सामने आई है। सभी को नोटिस भेजा जाएगा। शिकायतकर्ताओं ने कर्मचारियों के खिलाफ कई सबूत दिए हैं। इन सबूतों के आधार पर उनसे पूछताछ की जा सकती है।
कई बिचौलियों की तलाश जारी
एसआईटी की जांच में कुछ बिचौलियों का नाम भी सामने आया है। यह किशोरियों और युवतियों को केस में लाने व प्रकरण की भूमिका बनाने का काम करते थे। इन सभी की तलाश चल रही है। अखिलेश दुबे और लवी मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद से सभी फरार हो गए हैं। एसआईटी की टीम लड़कियों की खोजबीन में लग गई है।