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अखिलेश दुबे मामला : फंसाने के लिए कुछ युवतियों को बताया गया नाबालिग

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कानपुर। चर्चित अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उसके अन्य साथी दुष्कर्म और छेड़छाड़ के मामले में फंसाने के लिए जिन युवतियों को आगे करते थे उनमें से कुछ को नाबालिग बताकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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यह जानकारी पुलिस के पास भाजपा के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक रवि सतीजा के साथ ही कुछ अन्य केस की जांच में सामने आई है। पुलिस आरोप लगाने वाली युवतियों की तलाश में जुट गई है। कुछ तो परिवार समेत घर छोड़कर दूसरे शहरों में चली गई हैं।

भाजपा नेता रवि सतीजा ने एसआईटी के सामने शिकायत की तो दुष्कर्म, छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाकर वसूली करने वालों पर पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। इसी तहरीर पर बर्रा पुलिस ने अधिवक्ता अखिलेश दुबे और कास्मोजिन पब लाउंज संचालक लवी मिश्रा को गिरफ्तार किया था।
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दूसरी एफआईआर किदवईनगर थाने में होटल कारोबारी सुरेश पाल और तीसरी रिपोर्ट एक अधिवक्ता ने कोतवाली, चौकी एफआईआर किदवईनगर में संस्था के महामंत्री शैलेंद्र कुमार ने कराई। पांचवीं एफआईआर कल्याणपुर में दर्ज हुई लेकिन इसमें अखिलेश दुबे का नाम नहीं है।

पुलिस की जांच में अब तक आए मामलों में आरोपियों ने पहले दुष्कर्म या छेड़छाड़ की रिपोर्ट कराई, फिर उसको खत्म करने के लिए लाखों और करोड़ों में रकम मांगी गई। उनकी पड़ताल में सामने आया है कि कुछ युवतियों ने फंसाने के लिए खुद को नाबालिग बताया।

उनके पास शैक्षिक दस्तावेज नहीं थे। अधिकतर घर की नौकरानी को मोहरा बनाकर पेश किया गया। एसआईटी के अधिकारियों के मुताबिक आरोप लगाने वाली युवतियों की उम्र का भी फर्जीवाड़ा सामने आया है, मामले की जांच की जा रही है।
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