शैलेंद्र यादव ने एक और लड़की के माध्यम से सामूहिक दुष्कर्म की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने की बात पुलिस के सामने कबूल की है। उसने पुलिस को बताया कि वर्ष 2024 में जुलाई में अधिवक्ता अखिलेश के इशारे पर युवती को उपलब्ध कराया था जिसने एक डिग्री कॉलेज के कर्मी व एक अन्य पर सामूहिक दुष्कर्म की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में उसकी मदद अभिषेक बाजपेई उर्फ प्रियांशु ने की थी जो कि रवि सतीजा के दर्ज कराए मामले में उसका सह आरोपी है।
डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि आरोपी ने बताया है कि युवती को वह उस्मानपुर कंजड़नपुरवा से लाता था। यह सभी लड़कियां कम पढ़ी लिखी होती थी। रवि सतीजा पर आरोप लगाने वाली लड़की तो सिर्फ अपना नाम ही लिख पाती है। लड़कियों को भरोसा दिया जाता था कि बस उन्हें आरोप लगाकर एक तहरीर दे देनी है।