नौबस्ता थाने में हाथ जोड़े खड़ा शैलेंद्र
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शैलेंद्र से अधिवक्ता अखिलेश दुबे के संबंध 12 साल पुराने हैं। दोनों की पहली मुलाकात वर्ष 2013 में हुई थी जब शैलेंद्र अपने मामा की हत्या के मुकदमे में विधिक राय लेने पहुंचा था। बाद में वह उसका करीबी हो गया। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी के अनुसार, अधिवक्ता शैलेंद्र ने बताया कि वह मूलरूप से शिवराजपुर के सखरेज गांव का रहने वाला है। शहर में केशवनगर इलाके में उसका घर है।
घटना के बाद से वह शहर में ही था और अपने ठिकाने बदलकर छिपता फिर रहा था। अखिलेश से अपने संबंध के बारे में बताया कि पनकी सरायमीता इलाके में रहने वाले उसके मामा जयहिंद यादव की हत्या 2012 में हुई थी। हत्या का आरोप इलाके के दिनेश सिंह पर लगा था। हालांकि न्यायालय ने उसे साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया था। इसके बाद 2013 में उच्च न्यायालय में विधिक राय लेने के लिए अधिवक्ता अखिलेश दुबे से मुलाकात की थी। इसके बाद अक्सर आना जाना शुरू हो गया। वहां आने जाने के दौरान वह अखिलेश का करीबी बन गया। अखिलेश के कहने पर ही उसने एक लड़की को दुष्कर्म का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए रजामंद किया था।