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UP: अखिलेश के दरबारियों में पुलिस, नगर निगम और केडीए के भी अफसर, ऑपरेशन महाकाल में सामने आ रहे हैं कई नाम

Fri, 08 Aug 2025 10:40 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: जबरन वसूली और छेड़छाड़ के मामले में गिरोह चलाने वाले अधिवक्ता अखिलेश दुबे की जांच में पुलिस, नगर निगम, और केडीए समेत कई सरकारी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आई है।
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आरोपी अखिलेश दुबे और लवी मिश्रा और पीड़ित रवि सतीजा - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा ने बताया कि एसआईटी के पास संगठित गिरोह बनाकर दुष्कर्म और छेड़छाड़ की एफआईआर कराकर वसूली करने की शिकायतें आई हैं। इनकी जांच चल रही है। इस दौरान पता चला है कि कई मामलों में पुलिस, नगर निगम, जिला प्रशासन, केडीए समेत अन्य विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों की भी अधिवक्ता अखिलेश और सहयोगियों से सहभागिता थी।

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ऐसे अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी है। बताया कि भाजपा के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक रवि सतीजा ने शिकायत में ऐसे ही कुछ पुलिसकर्मियों के नाम बताए हैं। एक इंस्पेक्टर तो उनको स्वयं अखिलेश दुबे के कार्यालय तक ले गए थे। उस इंस्पेक्टर के खिलाफ भी जांच की जा रही है। दूसरे विभागों के कर्मचारियों के नाम जल्द ही उनके वरिष्ठ अधिकारियों को दिए जा सकते हैं। इसके लिए अधिकारियों की कमेटी भी गठित की जा रही है।

ऑपरेशन महाकाल में आ रहे कई नाम
ऑपरेशन महाकाल की लॉन्चिंग पांच अगस्त को हो गई है। नगर निगम, केडीए, आरटीओ, स्वास्थ्य विभाग के दलालों के संबंध में शिकायतें आने लगी हैं। इसके साथ ही पुलिस कार्यालय, ज्वाइंट सीपी, डीसीपी, एडीसीपी, एसीपी कार्यालय के साथ ही आईजीआरएस के अंतर्गत आने वाली जमीन पर कब्जा, कूटरचित दस्तावेज बनाने, नोटिस जारी करने जैसे मामले आ रहे हैं।

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संबंधित विभाग के स्टॉफ की जांच भी होगी
इसमें भूमाफिया, कब्जेदारों के साथ ही संबंधित विभाग के स्टाफ का नाम शामिल है। ऐसी ही शिकायतें पुलिसकर्मियों की भी आ रहे हैं। कुछ शिकायतें ट्रैफिक विभाग के स्टाफ और होमगार्ड की हैं। पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने बताया कि अगर किसी के खिलाफ दो अलग-अलग शिकायतें आ गईं, तो उसकी जांच कराई जाएगी। जांच में संबंधित विभाग के स्टॉफ की जांच भी होगी।

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