अखिलेश यादव
कैराना व नूरपुर की घटनाओं से साबित हो गया है कि ईवीएम से मतदान लोकतंत्र के लिए खतरा है। सवाल यह भी है कि ये मशीनें उन्हीं इलाकों में क्यों खराब हुईं जहां रालोद, सपा व बसपा के वोटर थे। गरीब, मुस्लिम, दलित और किसान, मजदूर मतदान नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि जिस तरह से शिकायतें आई हैं, हमें उम्मीद है कि निर्वाचन आयोग वहां दोबारा वोट डालने का मौका देगा। उन्होंने अंदेशा जताया कि मशीनें एक रणनीति के तहत मशीनें खराब की गईं थी।
हज़ारों EVM में ख़राबी की शिकायतें आ रही हैं. किसान, मज़दूर, महिलाएँ व नौजवान भरी धूप में अपनी बारी के इंतज़ार में भूखे-प्यासे खड़े हैं. ये तकनीकी ख़राबी है या चुनाव प्रबंधन की विफलता या फिर जनता को मताधिकार से वंचित करने की साज़िश. इस तरह से तो लोकतंत्र की बुनियाद ही हिल जायेगी.
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 28, 2018