एमओयू के बारे में जानकारी देते अधिकारी।
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कानपुर। तकनीकी सहयोग और कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डॉ. आंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी फॉर दिव्यांगजन ने दो एमओयू साइन किए हैं। पहला एमओयू मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी भोपाल (एमएएनआईटी) और दूसरा सोशल वेलफेयर एंड डेवलपमेंट फॉर इंपावर्ड सोसाइटी - स्वदेश के साथ हुआ है।
एमएएनआईटी के साथ हुए एमओयू का उद्देश्य तकनीकी उत्थान, शोध सहयोग और छात्र-शिक्षक विकास को प्रोत्साहन देना है। दोनों संस्थान संयुक्त रूप से तकनीकी प्रोजेक्ट्स, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सेमिनार, शोध पत्र और पेटेंट कार्यों पर सहयोग करेंगे। छात्रों की इंडस्ट्रियल विजिट, ट्रेनिंग और तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए साझा पहल की जाएगी।
समझौते के अंतर्गत सस्टेनेबल एनर्जी, वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट, केमिकल व बायोकेमिकल प्रोसेस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, मशीन लर्निंग जैसे नवीन क्षेत्रों में अनुसंधान किया जाएगा। निदेशक प्रो. रचना अस्थाना ने इसे तकनीकी क्षेत्र में प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
वहीं स्वदेश इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से समर्थित भारतीय इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र कौशल परिषद का अधिकृत प्रतिनिधि है। समझौते के तहत सैमसंग लिमिटेड की इनोवेशन कैंपस पहल के माध्यम से छात्रों को निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
इस प्रशिक्षण में कोडिंग एंड प्रोग्रामिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सैमसंग के प्रशिक्षक स्वयं प्रशिक्षण देंगे और छात्रों को प्लेसमेंट सहायता भी प्रदान करेंगे। एमओयू पर स्वदेश के चेयरमैन डॉ. राजीव निगम और एआईटीडी की निदेशक प्रो. रचना अस्थाना ने हस्ताक्षर किए।