करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोपी रोहित कपूर शनिवार को स्वदेश लौट आया। रेड कार्नर नोटिस जारी होने के नाते अमौसी एयरपोर्ट पर फ्लाइट से उतरते ही सुरक्षाकर्मियों ने उसे दबोच लिया। रोहित के सुप्रीम कोर्ट का आदेश दिखाने पर एयरपोर्ट अथॉरिटी ने कानपुर पुलिस से बातचीत की और उसे छोड़ दिया। सुप्रीम कोर्ट ने उसे मंगलवार तक कोर्ट में सरेंडर करने की मोहलत दी है।
शाहपुरी कालपी रोड, पनकी निवासी नवीन शुक्ला पनकी स्थित पाम्वी इंडस्ट्रीज के निदेशक हैं। नवीन ने 5 फरवरी-2015 को कोतवाली थाने में गुरुदेव नगर, लुधियाना (पंजाब) निवासी सीए रोहित कपूर, स्वरूप नगर के समीर, शरह, वासुदेव प्रसाद, अजय, अरुण कुमार और लाजपत नगर के रोहित के खिलाफ करोड़ों की धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करना, षडयंत्र, गाली-गलौज, अमानत में खयानत की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
कोतवाली थानाप्रभारी प्रमोद कुमार शुक्ला के मुताबिक आरोपी कंपनी के फर्जी डायरेक्टर बन गए थे और धोखाधड़ी की थी। तत्कालीन विवेचक ने सभी सात आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। इसके बाद तत्कालीन एसएसपी शलभ माथुर के आदेश पर तत्कालीन ग्वालटोली थानाध्यक्ष प्रभात कुमार ने पुन: विवेचना की। प्रभात ने सीए रोहित कपूर को छोड़कर सभी को आरोप पत्र से बाहर कर दिया। इसके बाद से रोहित कपूर की तलाश में पुलिस लगी थी। कोर्ट के कई बार गैर जमानती वारंट जारी करने के बाद भी रोहित ने खुद को कानून के हवाले नहीं किया। इस पर हाईकोर्ट ने सख्त नाराजगी जताते हुए एसएसपी को तलब किया था। इसके बाद पुलिस ने रोहित के लुधियाना स्थित घर में कोर्ट के आदेशों को चस्पा किया। फिर भी आरोपी रोहित ने कोर्ट या पुलिस के सामने सरेंडर नहीं किया। छानबीन में
पुलिस को पता चला था कि रोहित दुबई चला गया है। इस पर पुलिस ने रोहित के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया। साथ ही उसका पासपोर्ट निरस्त करने की रिपोर्ट पासपोर्ट विभाग को भेजी थी। बकौल थानाप्रभारी के मुताबिक शनिवार को रोहित कपूर विदेश से स्वदेश लौटा। अमौसी एयरपोर्ट पर उतरते ही सुरक्षाकर्मियों उसे पकड़ लिया। सुप्रीम कोर्ट का गिरफ्तारी स्टे दिखाने पर उसे छोड़ दिया गया। थानाप्रभारी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने रोहित को मंगलवार तक खुद को कानून के हवाले करने के निर्देश दिए हैं।