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Kanpur: अप्रैल में चकेरी एयरपोर्ट पर कम दृश्यता में भी उतर सकेंगे विमान, आईएलएस का काम मार्च में होगा पूरा

Tue, 03 Jan 2023 10:41 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

एयरफोर्स आईएलएस के उच्चीकृत का काम मार्च 2023 में पूरा कर लेगा। इसके बाद 350 मीटर की दृश्यता में भी विमानों का संचालन होगा। साथ ही, एयरपोर्ट अथॉरिटी कमर्शियल विमानों के लिए भी इस्तेमाल कर सकेगी। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
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विस्तार
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कानपुर में चकेरी एयरपोर्ट के नए टर्मिनल से अप्रैल-2023 के बाद कम दृश्यता में भी विमानों के उतरने और उड़ान भरने की सुविधा शुरू हो जाएगी। एयरफोर्स आईएलएस (इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम) के उच्चीकरण का काम करा रही है। अभी तक इस एयरपोर्ट पर आईएलएस तृतीय श्रेणी का है, जिसे द्वितीय श्रेणी में बदला जा रहा है।

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एयरपोर्ट पर विमानों का परिचालन एयरफोर्स के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) से होता है। यहां पर विमानपत्तनम प्राधिकरण का आईएलस और एटीसी नहीं है। चकेरी में एयरफोर्स स्टेशन होने की वजह से यह दोनों सिस्टम वायुसेना उच्चीकृत कर रही है।
350 मीटर की दृश्यता में भी होगा विमानों का संचालन
चकेरी एयरपोर्ट के मौजूदा आईएलएस कैटेगरी वन से 550 मीटर से 800 मीटर तक दृश्यता होने पर ही विमान चकेरी एयरपोर्ट से आ जा सकते हैं। कैटेगरी टू का आईएलएस लगने से 350 मीटर तक दिखने पर भी विमानों का परिचालन आसानी से हो सकेगा।

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हालांकि लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर आईएलएस कैटेगरी वन है, जिसमें शून्य दृश्यता में भी विमानों का परिचालन एयरपोर्ट से आसानी से होता है। चकेरी एयरपोर्ट के निदेशक संजय कुमार ने बताया कि एयरफोर्स आईएलएस को अपग्रेड कराने का काम कर रहा है। इसके बाद खराब मौसम में विमानों के संचालन में आसानी होगी।
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