इन फायदों की जताई जा रही उम्मीद
कंपनी प्रतिनिधियों का दावा है कि इस एप की मदद से जाम के साथ ही शहर में मौजूद खाली व भरी पार्किंग, होने वाले आयोजन, रास्ते पर चल रहे खोदाई या बिजली के काम की भी जानकारी मिलेगी। साथ ही हादसा होने पर नजदीकी थाने को सूचना भी पहुंच जाएगी। ट्रैफिक मॉनिटरिंग, हॉटस्पॉट की पहचान भी आसानी से हो सकेगी। यहां तक कि ट्रैफिक पुलिसकर्मी अपने डयूटी स्थान पर हैं या नहीं यह जानकारी भी एप से ही उच्चाधिकारियों तक पहुंच जाएगी।
शहर में जाम के कारणों और उनके निदान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक की मदद ली जाएगी। इस पर काम करने वाली नीदरलैंड की कंपनी संग मिलकर पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। इसके लिए डीसीपी ट्रैफिक को नोडल बनाया गया है। शुरुआत में कंपनी सर्वे कर कारणों की पहचान करेगी। उम्मीद है जल्द ही इसके सकारात्मक फायदे देखने को मिलेंगे। - रघुबीर लाल, पुलिस कमिश्नर