शोध कार्यों के लिए पांच साल में 72 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान समेत देश के 15 सेंटरों पर इस दिशा में शोध किया जाएगा। यह जानकारी शनिवार को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. एमएल जाट ने पत्रकार वार्ता में दी।
ब्रीडर को मिलेगा प्रोत्साहन
महानिदेशक ने बताया कि नई बीज प्रजाति विकसित करने वाले ब्रीडर को ढाई लाख रुपये और हाइब्रिड विकसित करने वाले ब्रीडर को पांच लाख रुपये दिए जाएंगे। इससे नई और बेहतर प्रजातियों के विकास के लिए शोधकर्ताओं को प्रोत्साहन मिलेगा।
कृषि, पोषण और स्वास्थ्य को जोड़ा जाएगा
उन्होंने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की ओर से साइंस एक्सीलेंस फॉर हेल्थ थ्रू एग्रीकल्चरल ट्रांसफॉर्मेशन (सेहत) मिशन चलाया जा रहा है। इसके जरिये कृषि, पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं को एक सूत्र में जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।