हरदोई के जिला अस्पताल में मंगलवार को ओपीडी के बाहर इलाज के अभाव में वृद्ध ने दम तोड़ दिया। पर्चा बनवाकर वह जांच कराने के लिए लगभग 11 बजे लाइन में लगा। दोपहर लगभग 12:30 बजे उसकी मौत हो गई। शव पड़ा देख पास में मौजूद लोगों ने सीएमएस को सूचना दी। फार्मासिस्ट को भेजकर शव मोर्चरी में रखवाया गया। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंच गए।
सुभाष नगर निवासी अशोक (65) को सांस की बीमारी थी। उसके हाथ पैरों में भी सूजन आ गई थी। मंगलवार सुबह 10 बजे जिला अस्पताल दवा लेने पहुचा था। पर्चा बनवा कर लगभग 11 बजे वह नौ नंबर ओपीडी में रोगियों की जांच कर रहे सर्जन डॉ. सुरजीत सिंह को दिखाने के लिए लाइन में लग गया। आधा घंटा लाइन में इंतजार करने के बाद वह सामने पड़ी कुर्सी पर बैठ गया। कुर्सी पर बैठने के कुछ समय बाद ही वह बेहोश हो गया। इससे उसके आस-पास लोगाें की भीड़ लग गई।
कुछ लोगों ने वृद्ध के बेहोश होने की जानकारी डॉक्टर को दी लेकिन डॉक्टर ने अपने कक्ष से बाहर निकल कर बेहोश वृद्ध की जांच नहीं की। लगभग 12 बजे वृद्ध की हालत संदिग्ध लगने पर स्टाफ के एक कर्मचारी ने सीएमएस को सूचना दी। सीएमएस ने फार्मासिस्ट से वृद्ध की जांच कराने को कहा। एक डॉक्टर ने वृद्ध की जांच की तो वह मर चुका था।
घटना की सूचना शहर कोतवाली पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने वृद्ध के पास मिले मोबाइल व डायरी में दर्ज पते पर परिजनों को सूचना दी। मृतक के भाई राकेश सिंह ने कहा उनकी हालत गंभीर थी तो बगैर लाइन में लगे सीधा डॉक्टर के पास जाना चाहिए था। डॉक्टर को वृद्ध की हालत गंभीर होने की जानकारी दी गई थी ऐसा उनके संज्ञान में नहीं है। इस संबंध में वह छानबीन करेंगे, यदि जानकारी होने के बाद भी डॉक्टर ने समय रहते वृद्ध की जांच नहीं की होगी तो विभागीय अधिकारियों को कार्रवाई के लिए लिखेंगे।