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Farrukhabad: बेटे की गवाही के बाद महिला की नहीं खोदी गई कब्र, पांच दिन पहले हुई थी मौत…पढ़ें पूरा मामला

Fri, 23 Aug 2024 06:02 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद

सार

Farrukhabad News: प्रभारी निरीक्षक रामअवतार ने बताया कि मायके पक्ष के काफी लोग अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे। यदि कोई शक था, तो उसी दिन पोस्टमार्टम कराने की मांग करनी थी। पांच दिन बाद मायके वाले आए थे।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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फर्रुखाबाद जिले के कायमगंज कोतवाली क्षेत्र में पांच दिन पहले महिला की मौत हो गई थी। दफन करने के बाद मायके वालों ने उसकी मौत की पुष्टि के लिए कब्र खोदकर पोस्टमार्टम कराने की मांग की। पुलिस ने महिला के मासूम बेटे से बातचीत कर वीडियो बना लिया। उसमें छह वर्ष के बेटे ने कहा कि बीमार मां को पापा व अन्य लोग अस्पताल ले जा रहे थे, रास्ते में उनकी मौत हो गई।

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पुलिस ने मायके वालों से कार्रवाई करने से मना कर दिया। कोतवाली क्षेत्र के गांव गऊ टोला निवासी कामिल ने जनपद शाहजहांपुर कस्बा जलालाबाद के मोहल्ला बगिया निवासी नन्ही उर्फ नेहा से अप्रैल 2017 में प्रेम विवाह किया था। दोनों के दो बच्चे हुए। बड़ा बेटा कामरान (6) व कासिफ (4) हैं। 18 अगस्त की दोपहर नेहा की मौत हो गई।
परिजनों का कहना था कि नेहा बीमार थी, अचानक उसकी हालत ज्यादा बिगड़ी तो अस्पताल ले रहे थे। रास्ते में उसकी मौत हो गई। परिजन शव घर ले गए। सूचना पर नेहा के पिता असलम, बड़ी बहन साजिया व अन्य रिश्तेदार भी पहुंच गए। इसके बाद शव दफन कर दिया गया। गुरुवार शाम नेहा के पिता असलम ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस से कहा उनकी बेटी की गला दबाकर हत्या की गई है।

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पुलिस ने पूछा- किसी ने कोई मारपीट की थी क्या
उसका शव कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराया जाए। पुलिस ने नेहा के बड़े बेटे कामरान से बातचीत की। पूछा कि उसकी मां को क्या हुआ था। छह वर्ष के बच्चे ने बताया कि मां की तबीयत खराब हो गई थी। पापा उन्हें अस्पताल ले गए। तभी वे अल्लाह को प्यारी हो गईं। पुलिस ने पूछा कि किसी ने कोई मारपीट की। बच्चे ने मना कर दिया।
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पांच दिन बाद मायके वाले आए थे
मासूम बच्चे की बात में सत्यता झलकने पर पुलिस ने मायके वालों से कार्रवाई करने से इंकार कर दिया। इस पर मायके पक्ष के लोग वापस चले गए। प्रभारी निरीक्षक रामअवतार ने बताया कि मायके पक्ष के काफी लोग अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे। यदि कोई शक था, तो उसी दिन पोस्टमार्टम कराने की मांग करनी थी। पांच दिन बाद मायके वाले आए थे। बच्चे की बात में दम है। महिला की बीमारी से मौत हुई है।
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