डेरापुर (कानपुर देहात)। मवई मुक्ता निवासी सेवानिवृत्त फौजी की मौत के बाद हमले में घायल बेटे की इलाज के दौरान मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचे तो दूसरी पत्नी व बेटा जमीन में हिस्सा मिलने की मांग पूरी होने के बाद अंतिम संस्कार करने पर अड़े रहे। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों के समझाने व कानूनगो के द्वारा तीन दिन में वरासत दर्ज करने का आश्वासन दिए जाने के बाद दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
मवई मुक्ता निवासी सेवानिवृत्त फौजी सिद्धनाथ (62) की मौत के बाद सोमवार रात घायल बेटे वीरू (30) की मौत हो गई। मंगलवार दोपहर बाद अकबरपुर से पोस्टमार्टम के बाद वीरू का शव गांव पहुंचा तो मां नन्ही देवी, भाई राहुल व परिजन बिलखने लगे। दूसरी पत्नी व उसके बेटे ने जमीन में हिस्सा मिलने के बाद ही अंतिम संस्कार करने की बात कही। इधर हमले में घायल पिता-पुत्र की मौत और तनाव की स्थिति पर सीओ रसूलाबाद राजीव सिरोही, थाना प्रभारी डेरापुर देवेंद्र कुमार, थाना प्रभारी मंगलपुर संजय गुप्ता, थाना प्रभारी बरौर कालीचरण, कानूनगो हरिशंकर फोर्स के साथ मौके पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझाकर शांत कराया।
राजस्व निरीक्षक द्वारा तीन दिन के अंदर वरासत दर्ज कराने का आश्वासन मिलने पर परिजनों ने गांव स्थित खेत पर दोनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया। बेटे राहुल ने पिता व भाई को मुखाग्नि दी।
बता दें कि रविवार शाम को सिद्धनाथ अपने सौतेले बेटे वीरू के साथ बरौर थाना के बेड़ामऊ निवासी समधी रामपाल के यहां छठी कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। रात आठ बजे के करीब दोनों गांव के छुन्ना उर्फ बृजेश शुक्ला के घर के पास खून से लथपथ पड़े मिले थे। परिजन दोनों को जिला अस्पताल ले गए थे। वहां डॉक्टर ने सिद्धनाथ को मृत घोषित कर दिया था। मामले में सिद्धनाथ की पत्नी नन्ही ने जमीन के बटवारे को लेकर पहली पत्नी रानी देवी, उनकी बहू रंजना के उकसावे में आकर सौतेले बेटे बॉबी उर्फ पुष्पराज द्वारा हत्या किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार ने बताया कि चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
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हमलावर ने दोनों के सिर पर निर्ममता से किए थे वार
सिद्धनाथ व वीरू पर निर्ममता से हमले किए गए। हमलावर ने दोनों के सिर को निशाना बनाकर कई वार किए। सिर में गंभीर चोटें आने व अधिक रक्तश्राव से दोनों की मौत होना बताया गया। सिद्धनाथ की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर व चेहरे पर चार चोट के निशान मिले, साथ ही जबड़ा भी टूटा मिला। वहीं वीरू की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में तीन जगह व चेहरे पर दाहिने ओर चोट के निशान मिले हैं। उसके सिर की हड्डी भी दो जगह से टूटी मिलीं।
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सिद्धनाथ के हिस्से में पड़ती है नौ बिस्वा जमीन
जमीन के विवाद में सिद्धनाथ व उसके सौतेले बेटे वीरू की हत्या के बाद परिजन जमीन में हिस्सा दिलाने की मांग पर अड़ गए। इस पर राजस्व निरीक्षक ने परिजन के साथ सिद्धनाथ के कमरे में उसके भूमि संबंधी अभिलेख खंगाले। परिजनों ने बताया कि सिद्धनाथ सहित चार भाइयों के बीच कुल 36 बिस्वा जमीन है। इसमें से नौ बिस्वा जमीन सिद्धनाथ के हिस्से में पड़ती है।