छिबरामऊ। एचआईवी पीड़ित महिला की हालत बिगड़ने से इलाज के दौरान मौत हो गई। शव गांव पहुंचते ही परिजनों में चीख पुकार मच गई। मायके पक्ष के लोगों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। आरोप है कि मायके पक्ष के लोगों ने ससुरालीजन के साथ हाथापाई की। कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर दी गई है।
सिकंदरपुर चौकी क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक की शादी साल 2014 में हुई थी। पति ने बताया कि लकवा की शिकायत होने पर इलाज के दौरान पत्नी एचआईवी की चपेट में आ गई। जिसका इलाज चल रहा था। दवाइयां खत्म होने पर रविवार को दवा लेने के लिए अस्पताल गई थी, लेकिन रास्ते में उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन उसे राजकीय मेडिकल काॅलेज ले गए। यहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव गांव पहुंचते पति व 11 वर्षीय बेटी समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
इधर, महिला की मौत की जानकारी होने पर मायके पक्ष के लोग भी पहुंच गए और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। युवक ने बताया कि हंगामा कर रहे पत्नी के मायके पक्ष को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे सभी उग्र हो गए और उसके व परिजनों के साथ हाथापाई करते हुए मारपीट कर दी। कोतवाल विष्णुकांत तिवारी ने बताया कि मायके व ससुराल पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोपों को ध्यान में रखते हुए शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। विवाद को लेकर तहरीर नहीं दी गई है। शिकायत मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।