पवित्र दरगाह में इंतजामियां कमेटी द्वारा रस्सी से की गई बैरिकेडिंग
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फोटो 28 डीएचटीबीएलआरपी 11 परिचय- पवित्र दरगाह में इंतजामियां कमेटी द्वारा रस्सी से की गई बैरीकेटिंग
फोटो 28 डीएचटीबीएलआरपी 12 परिचय- इंतजामियां कमेटी संग सुरक्षा का जायजा लेते एसडीएम बिल्हौर
छह माह बाद मदार साहब की दरगाह जायरीनों के लिए खुली
- एसडीएम ने निरीक्षण कर इंतजामियां कमेटी को दी अनुमति
- एक बार में मास्क लगाए पांच जायरीनों को ही मिलेगा प्रवेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिल्हौर। कोरोना के बढ़ते संक्रमण और मकनपुर-इलियासपुर विवाद के मध्य एसडीएम बिल्हौर ने देश-दुनिया में गंगा-जमुना तहजीब के लिए विख्यात सैयद बद्दीउद्दीन जिंदाशाह मदार की दरगाह को सभी जायरीनों के लिए खोल दिया है। एसडीएम बिल्हौर ने इंतजामियां कमेटी को सख्त आदेश दिए हैं कि एकबार में सिर्फ 5 जायरीनों को ही दरगाह की जियारत करने को प्रवेश दिया जाए।
सोमवार को मोहतमिम दरगाहे आलिया हजरत सरकार सैयद बद्दीउद्दीन कुतुबुल मदार जिंदाशाह मादर इंतजामियां कमेटी के सदस्यों ने एसडीएम बिल्हौर कार्यालय पहुंचकर का दरगाह खोलने की अनुमति मांगी। इंतजामियां कमेटी ने दरगाह में सभी प्रकार की गाइड लाइन की तैयारियां पूर्ण होने की बात एसडीएम को बताईं तो शाम 4 बजे एसडीएम पीएन सिंह मकनपुर दरगाह पहुंचे और कमेटी सदस्यों संग दरगाह में माथा टेककर परिसर में कोविड 19 संक्रमण बचाव की तैयारियां देखीं। वहीं मदार साहब के मुरीद और करीब दो दशक से मदार पर शोध कर रहे प्रधानाचार्य मुक्तिदा हुसैन जाफरी ने बताया कि इंतजामियां कमेटी ने दरगाह में जायरीनों को संक्रमण से बचाने के लिए बेहतर प्रबंध किए हैं। दरगाह में बिना मास्क लगाकर आने वाले किसी भी जायरीन को प्रवेश नहीं दिया जाएगा, हाथों को सैनिटाइज करने के साथ ही सभी को सैनिटाइज टनल से गुजरने पर ही प्रवेश मिलेगा। दरगाह सुबह 6 बजे से शाम छह बजे तक जायरीनों के लिए खुली रहेगी। दरगाह में सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी कैमरे से आने-जाने वालों पर नजर रखी जाएगी।