दो कमरों में 122 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। वर्ष 2023 में भवन का प्लास्टर गिरने से एक बच्ची घायल हो गई थी। इसके बाद विभाग की अनुमति से जर्जर हिस्से को ढहाकर उसकी नीलामी कर दी गई थी। तब से विद्यालय महज दो कमरों में संचालित हो रहा है।
शनिवार सुबह बच्चों ने कक्षाओं में जाने से इनकार कर विद्यालय परिसर के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया था। करीब चार घंटे तक बच्चों ने भवन निर्माण की मांग को लेकर नारेबाजी की। प्रधानाध्यापक और शिक्षकों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन बच्चे कक्षाओं में नहीं गए। बाद में बारिश होने पर सभी बच्चे घर चले गए थे।
ग्रामीणों का कहना है कि वह पिछले तीन वर्षों से विद्यालय भवन निर्माण की मांग को लेकर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के चक्कर लगा रहे हैं। सोमवार को भी प्रदर्शन की बात कही गई थी। प्रधानाध्यापक प्रियंका तिवारी ने बताया कि सोमवार सुबह अभिभावकों से जल्द भवन निर्माण शुरू होने की बात कही गई।
उन्हें एक महीने के भीतर नए भवन का निर्माण शुरू होने का आश्वासन दिया गया है। इसके बाद बच्चे और अभिभावक संतुष्ट हो गए और सभी बच्चे सामान्य दिनों की तरह विद्यालय पहुंचकर पढ़ाई करने लगे।