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Kanpur: चार साल तक काटे डूडा के चक्कर, डीएम ने एक घंटे में करा दी रजिस्ट्री, अन्य समस्याओं का भी निस्तारण

Sat, 15 Feb 2025 12:01 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: जिलाधिकारी ने इस पर पहले परियोजना अधिकारी डूडा से बात की। पता चला कि यह बदलाव लखनऊ स्थित डूडा मुख्यालय से होगा। डीएम ने तुरंत मुख्यालय में बात की और दिव्यांग को सामान्य वर्ग से पिछड़ा वर्ग में शामिल कर रजिस्ट्री करने की बात कही। करीब एक घंटे में बदलाव होकर रजिस्ट्री हो गई और पोर्टल पर भी दिखने लगी।
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डीएम को समस्याएं सुनाते फरियादी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में डूडा विभाग की गलती का खामियाजा रावतपुर गांव निवासी दिव्यांग सर्वेश कुमार चार साल से भुगत रहा था। कालोनी की रजिस्ट्री कराने के लिए वह कार्यालय के चक्कर काट रहा था। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह से समस्या बताई, जिस पर जिलाधिकारी ने डूडा मुख्यालय लखनऊ में बातकर की और एक घंटे में पोर्टल में गलती का सुधार कराकर रजिस्ट्री कराई। परेशान फरियादी खुश होकर घर लौटा।

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रावतपुर गांव निवासी सर्वेश कुमार फरियाद लेकर जिलाधिकारी के जनता दर्शन में पहुंचा था। बताया कि साहब, शत प्रतिशत दिव्यांग और पिछड़ा वर्ग श्रेणी में आता हूं। चार वर्ष पहले डूडा विभाग की पीएम आवास योजना (शहरी) में महावीरनगर एक्सटेंशन में आवास आवंटित हुआ था। इसकी रजिस्ट्री एमआईएस पोर्टल पर सामान्य वर्ग की श्रेणी में प्रदर्शित हो रही थी। इसकी वजह से जाति वर्ग की श्रेणी में अंतर आ रहा है। रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है।
करीब एक घंटे में हो गई रजिस्ट्री
जिलाधिकारी ने इस पर पहले परियोजना अधिकारी डूडा से बात की। पता चला कि यह बदलाव लखनऊ स्थित डूडा मुख्यालय से होगा। डीएम ने तुरंत मुख्यालय में बात की और दिव्यांग को सामान्य वर्ग से पिछड़ा वर्ग में शामिल कर रजिस्ट्री करने की बात कही। करीब एक घंटे में बदलाव होकर रजिस्ट्री हो गई और पोर्टल पर भी दिखने लगी।

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गुटखा खाकर जनता दर्शन पहुंचे लोगों से लिखवाया शपथ पत्र
जनसुनवाई में सचेंडी निवासी पूजा पति पंकज गुप्ता के साथ शिकायती पत्र लेकर आई थीं। बातचीत के दौरान जिलाधिकारी की नजर पंकज पर पड़ी। वह गुटखा खाकर बात कर रहे थे। जिलाधिकारी ने पूछा, गुटखा खाया है क्या, जिस पर उन्होंने हां कहा। डीएम ने डांट लगाई और समझाया कि कैंसर को क्यों बुला रहे हो। इससे आप अपने परिवार को नष्ट कर दोगे। अब आप मसाला नहीं खाएंगे। उन्होंने कागज मंगवाया और पंकज से शपथ पत्र लिखवाया। डीएम ने लिखा हुआ शपथ पत्र अपने पास रख लिया और कहा कि तुम्हारी पत्नी ने शिकायत की तो तुम्हें जो दंड दिया जाएगा, वह स्वीकार करना होगा।
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