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प्रसव पीड़ा से कराहती रही, नहीं आई एंबुलेंस, घर के पास जना बच्चा

Tue, 08 Nov 2016 07:55 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
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प्रदेश सरकार की एंबुलेंस सेवा काफी सफल है लेकिन स्थानीय कर्मचारी के लापरवाही के चलते मरीज समय पर इसका लाभ नहीं उठा पाते। खामियाजा मरीजों को उठाना पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में मंगलवार को दो ऐसे मामले सामने आए, जिसमें एक में लगभग डेढ़ घंटे तक एंबुलेंस न पहुंचने पर घर के दरवाजे पर ही प्रसूता ने बच्चा जना तो दूसरे मामले में रेफर करने के बाद बुखार पीड़ित मरीज दो घंटे तक अस्पताल में तड़पता रहा। 
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सदर ब्लाक के भसौंधा गांव के बंशीपुरवा की सुनीता वर्मा (24) पत्नी विनोद को मंगलवार को तड़के तेज प्रसव पीड़ा हुई। सास बेसनिया देवी ने बताया कि मोबाइल से 102 एंबुलेंस को सूचना दी गई। लेकिन डेढ़ घंटे तक कोई एंबुलेंस नहीं पहुंची। इसी बीच प्रसव दर्द बढ़ने पर प्रसूता ने घर के दरवाजे के पास ही बच्चा जना। इसके बाद एंबुलेंस पहुंची। जिससे जच्चा-बच्चा को शिवरामपुर पीएचसी लाया गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि यहां मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों ने चिकित्सक न होने की बात कहकर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों ने बताया कि जिला अस्पताल में भी जच्चा-बच्चा को लेकर काफी देर तक भटकते रहे। इसके बाद दोनों को भर्ती किया गया।

दोनों की हालत सामान्य बताई गई है। इसके अलावा जिला अस्पताल में भर्ती रामादेवी (28) पत्नी सुरेश कुमार निवासी गडरियनपुरवा बदौसा बांदा को भी मंगलवार को लगभग दो घंटे तक एंबुलेंस नहीं मिली। सुरेश ने बताया कि पत्नी 15 दिनोें से बुखार से पीड़ित है। जिसे जिला अस्पताल में दो और निजी अस्पताल में दो बोतल खून भी चढ़ाया जा चुका है। मंगलवार को ज्यादा हालत खराब होने पर डाक्टरों ने उसे इलाहाबाद रेफर किया। इसके लिए 108 एंबुलेंस को सूचना दी लेकिन दो घंटे तक कोई एंबुलेंस नहीं आई। जिससे उसकी पत्नी की हालत बिगड़ती गई। इसके बाद एंबुलेंस आने पर उसे इलाहाबाद भेजा गया।
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