यशवर्धन यादव ने नीट में हासिल की 304वीं रैंक माता पिता के साथ
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कानपुर के किदवई नगर ईएसआई कॉलोनी में रहने वाले यशवर्धन यादव अपने घर के चौथे ऐसे शख्स हैं जो डॉक्टर बनने जा रहे हैं। यशवर्धन के पिता अशोक यादव ईएसआई अस्पताल में डॉक्टर हैं। सबसे बड़ी बहन डॉ. सुदीप्ती भी डॉक्टर हैं और दूसरे नंबर की बहन ऐश्वर्या यादव जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कर रही हैं।
यशवर्धन ने नीट में ऑल इंडिया 304वीं और सिटी में तीसरी रैंक हासिल की है। यशवर्धन की कैटेगिरी रैंक 240 है। यशवर्धन अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता और मां डॉ. सुनीता यादव को देते हैं। मां डॉ. सुनीता बॉटनी से पीएचडी हैं। यशवर्धन कहते हैं कि उन्हें बायोलॉजी में रुचि थी और इसी के चलते वह डॉक्टरी की पढ़ाई करने जा रहे हैं।
कभी फेसबुक नहीं चलाया, मोबाइल भी सस्ता वाला
आमतौर पर साधारण परिवार से आने वाला युवा भी स्मार्ट फोन पर दिनभर चिपका रहता है लेकिन यशवर्धन के मामले में ऐसा नहीं है। यशवर्धन के पास नीट की परीक्षा देने तक स्मार्ट फोन नहीं था। सस्ता और साधारण फोन का प्रयोग करते थे। फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सऐप जैसे सोशल मीडिया का भी कभी प्रयोग नहीं किया।
हाईस्कूल में प्रदेश के सेकेंड टॉपर रहे हैं यशवर्धन
यशवर्धन ने मर्सी मेमोरियल स्कूल से 2018 में 98.75 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं की पढ़ाई पूरी की। 2016 में 10वीं में 98.5 प्रतिशत अंक थे। तब यशवर्धन प्रदेश के सेकेंड टॉपर थे। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें सम्मानित किया था। बताते हैं कि अब उन्हें कार्डियोलॉजिस्ट बनकर लोगों का इलाज करना है। लोगों को अच्छा इलाज मिले इसके लिए वह फोकस करेंगे।
आरक्षण नहीं, मेहनत से आगे बढ़ो
यशवर्धन ने युवाओं को सफलता के लिए टिप्स दिया। कहा कि अक्सर युवा आरक्षण या किसी न किसी तरह के सोर्स के जरिए आगे बढ़ना चाहते हैं। यह न केवल उनके लिए बल्कि देश के लिए भी खराब है। इससे उनमें मेहनत करने की क्षमता खत्म हो जाती है और वह पूरी तरह से आरक्षण या सोर्स पर निर्भर हो जाते हैं। इंसान को हमेशा खुद की मेहनत पर भरोसा होना चाहिए।