उन्नाव के नवाबगंज में घर में चोरी के इरादे से घुसे गांव के कुछ युवकों की शिकायत ग्राम प्रधान से करने पर खुन्नस में आरोपियों ने गृहस्वामी को पीटा और छत से फेंक दिया। इससे उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई। जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज होने पर सुलह का दबाव और धमकियों से परेशान दंपति ने गांव छोड़ दिया। पत्नी पति को लेकर दिल्ली चली गई।
वह मजदूरी कर परिवार को पालने के साथ ही पति का इलाज करा रही है। चार महीने से बिस्तर पर पड़े पीड़ित ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है। अजगैन थाना क्षेत्र के बहाउद्दीनपुर गांव निवासी कुलदीप (25) पुत्र कन्हईलाल के घर 19 फरवरी 2019 की रात 10 बजे करीब पांच लोग चोरी के इरादे से घुसे थे।
नींद खुलने पर उसने सभी को पहचान लिया और शोर मचा दिया। इस पर सभी भाग निकले। कुलदीप के अनुसार उसी रात उसने गांव के प्रधान अनीस को घटना की जानकारी देकर सभी के नाम बताए। प्रधान ने सभी से नाराजगी जताई तो आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी।
पीड़ित के अनुसार चार माह बाद 19 जून की रात आरोपी फिर से उसके घर पर आए और मारपीट कर उसे छत से नीचे फेंक दिया। इससे उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई। तीन माह तक उसका लखनऊ ट्रामा सेंटर व अन्य अस्पताल में इलाज हुआ पर वह उठकर बैठ नहीं सका। कार्रवाई के लिए पत्नी गुड़िया व परिवार के लोग अजगैन थाने के चक्कर लगाते रहे।
ग
उच्चाधिकारियों से शिकायत के बाद 29 अगस्त को थाना पुलिस ने गांव के फिरोज उर्फ कारतूस व जुबेर खां के खिलाफ जानलेवा हमला व एससीएसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की, लेकिन किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। कुलदीप ने बताया है कि दोनों आरोपी लगातार सुलह का दबाव बना उसे जान माल की धमकी देने लगे।
परेशान होकर सितंबर माह में पत्नी गुड़िया के साथ गांव छोड़ दिया। इस समय दोनों दिल्ली में एक परिचित की मदद से किराए का कमरा लेकर रह रहे हैं। कुलदीप ने बताया कि वह चारपाई से उठ नहीं पाता। पत्नी गुड़िया मजदूरी कर खर्च चला रही है। परेशान होकर न्याय के लिए अब मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की है।
सीओ अंबरीश भदौरिया ने बताया कि यह उनके समय का मामला नहीं है। जांच इससे पहले रहे सीओ भीम कुमार गौतम कर रहे थे। थाने से जानकारी करने पर कुलदीप के नशे की हालत में गिरने की बात पता चली है। जांच करा शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।